CrimeIndia

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2 करोड़ की साइबर ठगी, जमशेदपुर से CBI ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2 करोड़ की साइबर ठगी, जमशेदपुर से CBI ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2 करोड़ की साइबर ठगी, CBI ने जमशेदपुर से संदिग्ध को दबोचा; बैंक खातों का बड़ा नेटवर्क आया सामने

जमशेदपुर: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर चंडीगढ़ के एक सेवानिवृत्त बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से करीब 2 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के सिलसिले में एजेंसी ने जमशेदपुर के परसुडीह इलाके से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम पहुंचने और कमीशन के बदले रकम निकालने के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

परसुडीह में CBI की देर रात छापेमारी

CBI की चंडीगढ़ टीम ने मंगलवार देर रात परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह स्थित नायडू बिल्डिंग में छापेमारी कर टी. शरत नामक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने उसे रांची स्थित CBI कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ ले जाने की तैयारी की जा रही है।

आरोपी के खाते में पहुंची थी ठगी की रकम

जांच में सामने आया है कि साइबर ठगी से हासिल रकम का एक हिस्सा टी. शरत के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने रिटायर्ड अभियंता को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इनमें से लगभग 1.50 लाख रुपये आरोपी के खाते में आए थे।

कमीशन लेकर निकालता था पैसे

CBI के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर अपने बैंक खाते में आई रकम निकालने के बदले 2 प्रतिशत कमीशन लेता था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि उसके खाते से करीब 60 अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए। इससे एजेंसी को संगठित साइबर ठगी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका और मजबूत हुई है।

सिम कार्ड के सुराग पर दूसरे युवक से भी पूछताछ

इससे पहले CBI ने गोलमुरी थाना क्षेत्र के टुइलाडुंगरी में छापेमारी कर राजदीप नामक युवक से भी पूछताछ की थी। जांच में पता चला कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया एक सिम कार्ड उसके नाम से जारी हुआ था। हालांकि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।

कई बैंक खाते और लोगों की भूमिका जांच के दायरे में

CBI फिलहाल इस मामले में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, सिम कार्डों और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रही है। एजेंसी को आशंका है कि इस गिरोह में कई और लोग शामिल हो सकते हैं। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने और सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए जांच लगातार जारी है।

नोट: इस मामले में जिन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनके विरुद्ध आरोप जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं। अंतिम निष्कर्ष न्यायालय में सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर तय होगा।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply