La Pino’z Pizza फ्रेंचाइजी को लेकर शुरू हुआ एक कारोबारी विवाद अब देश के चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में बदल गया है। CBI ने वरिष्ठ IRS अधिकारी अमित कुमार सिंगल और उनकी पत्नी, IRS अधिकारी अनूपमा सिंगला के खिलाफ रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
इस केस की शुरुआत साल 2019 में हुई, जब अमित कुमार सिंगल, जो उस समय मुंबई में जॉइंट कमिश्नर के पद पर तैनात थे, उन्होने ज़िरकपुर के कारोबारी सनम कपूर के साथ La Pino’z Pizza फ्रेंचाइजी को लेकर मास्टर फ्रेंचाइजी समझौता किया।
यह समझौता उनसे जुड़े साझेदारी फर्मों के माध्यम से किया गया था। बाद में इसी नेटवर्क के जरिए कई अन्य आउटलेट्स के भी फ्रेंचाइजी डील्स की गईं, जिनमें उनके सहयोगी हर्ष कोटक और परिवार के सदस्य शामिल थे।
व्यापार विवाद से बिगड़े रिश्ते
2024 के अंत में सनम कपूर ने आरोप लगाया कि अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन और “अनप्रोफेशनल व्यवहार” के कारण सभी फ्रेंचाइजी समझौते खत्म कर दिए गए। कपूर ने तीन आउटलेट वापस खरीदकर सेटलमेंट भी किया। लेकिन इसके बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया।
CBI को मिली रिश्वत की शिकायत
कपूर ने आरोप लगाया कि फरवरी 2025 में उन्हें आयकर विभाग की ओर से सेक्शन 131 के तहत नोटिस मिला। बाद में कथित तौर पर उन्हें 45 लाख रुपये देकर मामला “सेटल” करने का दबाव बनाया गया। इस पर उन्होंने CBI से संपर्क किया और रिश्वत देने से इनकार कर दिया।
CBI का ट्रैप और गिरफ्तारी
CBI ने शिकायत की पुष्टि और रिकॉर्डेड बातचीत के बाद 31 मई 2025 को जाल बिछाया।
इस दौरान हर्ष कोटक को मोहाली स्थित आवास पर 25 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जो कथित रूप से अमित कुमार सिंगल की ओर से लिए जा रहे थे। वहीं, सिंगल को दिल्ली के वसंत कुंज स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया।
बड़ी संपत्ति का खुलासा
छापेमारी में CBI को भारी मात्रा में संपत्ति मिली, जिसमें शामिल है—
- ₹1 करोड़ नकद
- 3.5 किलो सोना
- 2 किलो चांदी
- 25 बैंक खाते
- दिल्ली, मुंबई और पंजाब में संपत्ति के दस्तावेज
जब्त सोनाचांदी की अनुमानित कीमत करीब ₹3.5 करोड़ बताई गई।
139% अधिक संपत्ति का आरोप
जांच में CBI ने पाया कि अप्रैल 2018 से मई 2025 के बीच अमित कुमार सिंगल ने अपनी ज्ञात आय से 139.15% अधिक यानी करीब ₹4.57 करोड़ की संपत्ति अर्जित की।
इस मामले में उनकी पत्नी अनूपमा सिंगला पर भी आरोप है कि उन्होंने अवैध संपत्ति अर्जन में सहायता और सहयोग किया।
CBI की आगे की कार्रवाई
CBI अब इस मामले में
- बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच
- संपत्तियों का मूल्यांकन
- आय स्रोतों की जांच
- बेनामी संपत्तियों की पहचान
- और चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया जारी रखेगी।



