IndiaTrendingUttar Pradesh

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट, SIT की अंतिम रिपोर्ट में नहीं नाम

अयोध्या : राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल की अंतिम रिपोर्ट में दोनों के नाम शामिल नहीं हैं। जांच में दोनों की चंदा चोरी मामले में कोई भूमिका नहीं पाई गई है।

मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कुल आठ आरोपियों के नाम शामिल हैं। इन सभी को मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे। आरोपों के बीच दोनों ने ट्रस्ट में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, अब उत्तर प्रदेश सरकार की SIT की अंतिम रिपोर्ट में दोनों का नाम नहीं होने से उन्हें इस मामले में क्लीन चिट मिलने की बात सामने आई है।

गिनती कक्ष में नकदी चोरी का मामला

SIT की प्रारंभिक जांच में मंदिर के गिनती कक्ष में सात बार नकदी चोरी पकड़े जाने का उल्लेख किया गया था। 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के CCTV फुटेज की जांच में गिनती कक्ष से नकदी छिपाकर ले जाने की करीब 70 घटनाओं का पता चलने की बात कही गई थी। इसके बाद मामले में कई कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई।

राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर दर्ज FIR में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, करुणेश पांडे और राम शंकर यादव उर्फ टीनू के नाम शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

25 जून को दर्ज हुई थी पहली FIR

राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। वरिष्ठ अधिकारी विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित टीम ने मामले की जांच शुरू की। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को पहली FIR दर्ज की गई, जिसमें आठ नामजद आरोपियों के साथ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली जांच जारी

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम नहीं होने के बावजूद मामले की दूसरी जांच अभी जारी है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित SIT अलग से मामले की जांच कर रही है। ऐसे में इस जांच के अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply