Ayodhya Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी केस में दिनप्रतिदिन नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. शुक्रवार को भी तीन नए घटनाक्रम हुए, जिसमें पहला सुबहसुबह ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा हुआ. इसके बाद दोपहर में सभी आठों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. इसके तीसरा घटनाक्रम यह पता चला कि सात आरोपियों के पास से 79.85 लाख कैश मिला है, जबकि 8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कुछ नहीं मिला. बता दें कि 25 जून को ट्रस्ट की तरफ से श्रीराम जन्मभूमि कोतवाली में चंदा चोरी के आरोप में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर केस दर्ज कराया गया था. FIR में कुछ अज्ञात का भी नाम है. आइए जानते हैं आज का पूरा घटनाक्रम…

अयोध्या के चर्चित मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है. इस बीच शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो प्रमुख सदस्यों चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. चंपत राय जहां ट्रस्ट महासचिव थे तो वहीं अनिल मिश्रा ट्रस्टी थे. चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को SIT की प्रारंभिक जांच और सीएम योगी के कड़े रुख से जोड़कर देखा जा रहा है.
25 जून को पहली FIR दर्ज की गई
बता दें कि CM योगी आदित्यनाथ ने शुरुआत से ही स्पष्ट कर दिया था कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी. दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. SIT की शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद जांच की रफ्तार और तेज हुई, जिसके आधार पर 25 जून को पहली FIR दर्ज की गई. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज FIR में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. SIT फिलहाल राम मंदिर दान में वित्तीय अनियमितताओं, दान राशि के गबन और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है. SIT आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है. शुरुआती रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया गया है.
राम मंदिर चंदा चोरी में ये 10 बड़े खुलासे…
- चढ़ावा चोरी मामले में खुलासा पुलिस ने गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश कर कहा कि शुरुआती जांच में चोरी के पुख्ता सबूत मिले हैं.
- CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत पुलिस के मुताबिक, CCTV में आरोपी दान में आए कैश और जेवर चोरी करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं.
- गिनती के बाद जेब में भरकर बाहर ले जाते थे कैश आरोपी टिन्नू, अनुकल्प, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश और रमा शंकर मिश्र नोट गिनने के बाद पैसे और ज्वेलरी छिपाकर बाहर ले जाते थे.
- करीब 80 लाख रुपए बरामद जांच में अब तक 7 आरोपियों की निशानदेही पर 79.84 लाख रुपए रिकवर किए गए हैं.
- 8वें आरोपी सुभाष पर साजिश का आरोप पुलिस ने अदालत को बताया कि सुभाष श्रीवास्तव के पास से रिकवरी नहीं हुई, लेकिन वह पूरे षड्यंत्र का हिस्सा है.
- टिन्नू की भूमिका संदिग्ध जांच में सामने आया कि कैश काउंटर, दान पात्र और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां टिन्नू के पास रहती थीं.
- वाउचर सिस्टम में हेराफेरी आरोपी अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर बनाने की प्रक्रिया में गड़बड़ी और अपने बहनोई लवकुश मिश्रा के साथ मिलकर हेराफेरी करने का आरोप.
- लवकुश के घर से 10 लाख बरामद SIT जांच में लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद किए गए हैं.
- ड्यूटी के बाद नहीं होती थी तलाशी सबसे बड़ी लापरवाही यह कि नोट गिनने वाले कर्मचारियों की ड्यूटी खत्म होने के बाद कोई चेकिंग या तलाशी नहीं ली जाती थी.
- SIT ने खंगाली डेढ़ महीने की फुटेज 27 अप्रैल से 5 जून 2026 तक की CCTV फुटेज जांची गई, जिसमें करीब 70 बार चोरी या गबन जैसी गतिविधियां दिखीं.
- व्यवस्था में कई गंभीर खामियां उजागर शुरुआती जांच में चढ़ावा गिनने की व्यवस्था, रिकॉर्ड मेंटेनेंस, CCTV कवरेज और आंतरिक निगरानी प्रणाली में बड़ी अनियमितताएं सामने आई.
- 8 आरोपी 3 दिन के लिए जेल भेजे गए नियमित जज न होने के कारण ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों को रविवार तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
- 29 जून को पुलिस रिमांड की तैयारी अगर आगे पूछताछ की जरूरत पड़ी तो पुलिस सोमवार को रेगुलर कोर्ट में पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी दाखिल कर सकती है.
CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
जांच में सबसे अहम सबूत CCTV फुटेज को माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 तक की लगभग डेढ़ महीने की रिकॉर्डिंग खंगाली गई, जिसमें करीब 70 बार संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं. जांच में दावा किया गया है कि कई आरोपी दान में आए नकद और आभूषणों को गिनती के दौरान अलग कर जेबों में छिपाकर बाहर ले जाते दिखाई दिए. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में चोरी और गबन के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं.
गिनती के बाद जेब में भरकर बाहर ले जाते थे कैश
SIT जांच में सामने आया कि आरोपी टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा और रमा शंकर मिश्र रूप से नोटों की गिनती के बाद नकदी और कीमती सामान छिपाकर बाहर ले जाते थे. जांच में यह भी सामने आया कि कैश काउंटर, दान पात्र और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां मुख्य रूप से टिन्नू के पास रहती थीं. वहीं अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर सिस्टम में हेराफेरी करने और अपने बहनोई लवकुश मिश्रा के साथ मिलकर रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए हैं.
करीब 80 लाख रुपए की बरामदगी
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि अब तक कुल 79 लाख 85 हजार रुपए की बरामदगी की जा चुकी है. 7 आरोपियों के पास से नकदी बरामद हुई है, जबकि आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई नकद बरामद नहीं हुआ. हालांकि पुलिस का कहना है कि सुभाष श्रीवास्तव पूरे कथित षड्यंत्र का हिस्सा था और उसकी भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है. SIT की जांच में लवकुश मिश्रा के घर से लगभग 10 लाख रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया गया है.
आठों आरोपी जेल भेजे गए
गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. नियमित न्यायाधीश उपलब्ध नहीं होने के कारण आरोपियों को रविवार तक जेल भेजा गया. पुलिस ने फिलहाल किसी भी आरोपी की रिमांड नहीं मांगी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर 29 जून को नियमित अदालत में पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन दाखिल किया जा सकता है.
VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने क्या कहा?
VHP के अध्यक्ष आलोक कुमार ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरों पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर की पूरी व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर प्रबंधन के लिए प्रशासनिक अनुभव वाले एक सक्षम मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है. साथ ही भर्ती प्रक्रिया, वित्तीय निगरानी और कार्यप्रणाली को पूरी तरह मानकीकृत किया जाना चाहिए, ताकि भगवान के चढ़ावे का एक भी रुपया इधरउधर न हो और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
CM योगी का सख्त संदेश
देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसकी मर्यादा का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि SIT की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी और अब उसी दिशा में कार्रवाई शुरू हो चुकी है. सीएम योगी ने कहा कि जनआस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो वह SIT के समक्ष प्रस्तुत करे, ताकि निष्पक्ष जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके.



