Vinay Katiyar On Champat Rai: अयोध्या के भगवान राम मंदिर में चढ़ाव चोरी विवाद के बीच अयोध्या के ही बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने प्रधानमंत्री मोदी से हुई बातचीत और चम्पत राय के जेल जाने की बात कह कर सियासी सरगर्मी बढ़ा दिया है। वहीं, 06 जुलाई को प्रस्तावित राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक, जिसमें चम्पत राय के भविष्य का फैसला होना था उसमें भी अब पेंच फंसता नजर आ रहा है।

इस तरह विनय कटियार के बयान ने चम्पत राय और अनिल मिश्रा के जेल जाने और ट्रस्ट की बैठक में कोरम की समस्या ने एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
विनय कटियार के बयान से हलचल तेज
उधर भगवान राम के मंदिर में हुए चढ़ाव चोरी कांड को लेकर एकदम मुखर रहे बजरंग दल के संस्थापक और राम मंदिर आन्दोलन के फायर ब्रांड नेता रहे अयोध्या के ही विनय करियार एक बार फिर से अपने बयानों को लेकर काफी चर्चा में हैं। सियासत के जानकार और मंदिर के चोरी प्रकरण को लेकर चिंतित हर आम आदमी विनय कटियार के इस बयान के अलगअलग मायने निकाल रहा है।
आखिर उनके प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दावे और चम्पत राय व अनिल मिश्रा के जेल जाने के बयान के पीछे क्या है ? इसके कयास लगने शुरू हो गए हैं।
जेल जा सकते हैं चंपत राय: कटियार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विनय कटियार कहा कि मैंने इस मामले पर पीएम मोदी से बात की और यह साफ है कि पैसे का गबन हुआ है। साथ ही पूर्व सांसद विनय कटियार ने यह भी कहा कि जांच के आधार पर चंपत राय को आगे चलकर जेल भी जाना पड़ सकता है। हांलांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी और जो भी होगा, वह ठीक ही होगा। राम मंदिर दान चोरी में पैसों का जबरदस्त गबन हुआ है और इसकी जांच चल रही है।
SIT किसी को नहीं छोड़ेगी: विनय
कटियार ने कहा कि SIT किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं। राम मंदिर में तैनात रहे गोपाल राव के बारे में जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गोपाल राव बेकार आदमी हैं। विनय कटियार ने कहा कि एक दिन घूमतेफिरते भगवान राम के दर्शन करने चले गए तो गोपाल राव ने हमसे कहा कि आप किसकी अनुमति से आए हैं। इस पर मैनें नाराजगी व्यक्त की थी।
अनिल मिश्रा को उन्होंने सीधा आदमी बताया और कहा कि वो आदमी ठीक हैं। चंपत राय को लेकर विनय कटियार ने कहा कि हमने चंपत को समझाया था। उनको बात समझ में आई नहीं तो मैं क्या कर सकता था।
6 जुलाई को होने वाली बैठक पर सवाल
चम्पत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे आदि को लेकर 06 जुलाई को होने वाली इस बैठक के जरूरी सदस्यों की न्यूनतम संख्या कैसे पूरी होगी यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुल 15 सदस्यों में से 10 स्थायी और 05 पदेन सदस्य हैं। ऐसे में बैठक के लिए न्यूनतम 07 स्थायी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है।
फिलहाल ट्रस्ट के सदस्यों में से 02 चंपत राय और का इस्तीफा हो चुका है, जबकि विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा का निधन हो गया है और महंत नृत्य गोपाल दास राजधानी लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट के कुल 06 ही स्थायी सदस्य बच रहे हैं, जोकि कोरम की संख्या से कम है।
बैठक की अध्यक्षता पर संकट
बता दें, बैठक में दो तिहाई बहुमत से ही किसी अहम फैसले पर निर्णय लिया जा सकता है। इसके अलावा ट्रस्ट में किसी उपाध्यक्ष के नहीं होने से अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में बैठक की अध्यक्षता करने पर भी संकट है। फिलहाल के स्थायी सदस्यों में वासुदेवानंद सरस्वती, विश्वप्रसन्नतीर्थ, परमानंद गिरि, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, कृष्ण मोहन और दिनेंद्र दास हैं।
जबकि पदेन सदस्यों में केंद्र सरकार में सचिव प्रशांत लेखंडे, यूपी के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद, जिलाधिकारी अयोध्या शशांक त्रिपाठी, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और नामित सदस्य के रूप में के. पारासरन का नाम शामिल है।



