प्रयागराज के फूलपुर में आयोजित आजाद समाज पार्टी के बूथ सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने संविधान की रक्षा, समान शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और गरीबों के अधिकारों को लेकर सरकार से सवाल किए. चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि बहुजन समाज के लोगों का प्यार ही उन्हें संघर्ष करने की ताकत देता है.

उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित बहुजन समाज के संतों और महापुरुषों को नमन करते हुए कहा कि आज उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार संविधान की वजह से मिला है. इसलिए संविधान की रक्षा के लिए सभी को तैयार रहना चाहिए.
चंद्रशेखर आजाद ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. उन्होंने बाबा साहब के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जिसे पीने वाला दहाड़ता है. उन्होंने मांग की कि कक्षा एक से 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए और शिक्षा पर जीडीपी का 10 प्रतिशत तक खर्च करने पर सरकार को विचार करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि जब तक सभी को समान शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक समानता के अधिकार को वास्तविक रूप नहीं दिया जा सकता. सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और नेताओं के बच्चों की पढ़ाई भी सरकारी स्कूलों में कराने की व्यवस्था पर उन्होंने जोर दिया.
महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की घोषणाओं पर सवाल उठाते हुए आजाद ने कहा कि सरकार को ऐसी योजनाओं का लाभ समय पर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को वर्ष 2017 से ही एक लाख रुपये दिए जाते, तो सरकार की मंशा और योजनाओं के क्रियान्वयन पर अलग तस्वीर सामने आती.
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई और सरकारी अस्पतालों में महिला डॉक्टरों की कमी तथा मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखे जाने का मुद्दा उठाया. उनका कहना था कि आम लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है.
चंद्रशेखर आजाद ने बेरोजगारी को प्रदेश की बड़ी समस्याओं में से एक बताते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद भी युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं. उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और पीईटी परीक्षा के केंद्र दूसरे जिलों में आवंटित किए जाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने 79 हजार भर्ती से जुड़े कथित घोटालों का जिक्र करते हुए जवाबदेही की मांग की. इसके अलावा उन्होंने पंचायत चुनाव में देरी, सरकारी विभागों के निजीकरण, राशन की गुणवत्ता और महिलापुरुष के बीच वेतन असमानता जैसे मुद्दे भी उठाए.
फूलपुर की ऐतिहासिक धरती का उल्लेख करते हुए आजाद ने कहा कि यहां मान्यवर कांशीराम और उनके समकालीन नेताओं ने संघर्ष किया है. उन्होंने कहा कि मजबूत कार्यकर्ता ही किसी पार्टी की ताकत होते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में थानों में मुकदमे दर्ज कराने में लोगों को परेशानी होती है और पुलिस पर राजनीतिक दबाव रहता है. उन्होंने सरकार पर अंधविश्वास और पाखंडवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया.
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि प्रदेश में अमीरी और गरीबी के बीच खाई बढ़ रही है और किसानों, गरीबों तथा नौजवानों की समस्याओं का समाधान जरूरी है. उन्होंने अति पिछड़ी जातियों को न्याय दिलाने के लिए ईडब्ल्यूएस की तर्ज पर व्यवस्था बनाने की बात कही. पुलिसकर्मियों की समस्याओं का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर उनकी पार्टी संघर्ष जारी रखेगी. सम्मेलन में उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार पर राजनीतिक हमला बोला और कहा कि जनता के सवालों का जवाब देना होगा.



