
Love Jihad Case: छिंदवाड़ा के परासिया में महिला ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के बाद उसके साथ ज्यादती की गई, ब्लैकमेल किया गया और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. पुलिस जांच कर रही है.
Madhya Pradesh Religion Conversion Case: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के परासरिया क्षेत्र के रावनवाड़ा शिवपुरी में एक युवति ने युवक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. यवति ने आरोप लगाया कि युवक ने पहले उससे सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती की और दुष्कर्म करने के बाद धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा. साथ गी उसने वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी किया. शिकायत के मुताबिक, शिवपुरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने शिकायत में बताया कि करीब 3 साल पहले समीर खान से उसकी दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. बातचीत के बाद दोनों का रिश्ता प्यार में बदल गया. आरोपी उसके घर भी कई बार आने-जाने लगा. महिला ने आरोप लगाया है कि उस दौरान आरोपी ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए. महिला ने आरोपीी पर वीडियो वायरल करने की धमकी का भी आरोप लगाया है. साथ ही 50 हजार रुपये लेने और वापस न करने पर शिकायत दर्ज कराई है. इसके अलावा आरोपी पर धर्म परिवर्तन का दबाव का भी आरोप लगाया गया है. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. महिला ने बताया कि 13 जून को आरोपी उसके घ गया और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी. इशके बाद उसने रुपये भी मांगे और दबाव बनाया.
महिला ने लगाए कई गंभीर आरोप
महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहा है. विरोध के बाद भी वह उसे परेशान करता था और मानसिक तौर पर परेशान कर रहा है. इसके बाद महिला ने पुलिस से जल्द से जल्द मामले की कार्रवाई की मांग की.
पुलिस ने दर्ज किया मामला
रावनवाड़ा शिवपुरी थाना प्रभारी कंचन राजपूत ने बताया कि महिला की शिकायत पर आरोपी समीर खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी.
हिंदू संगठन उठा रहा सवाल
मामला सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों के नेताओं ने इसे “लव जिहाद” का मामला बताया और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. विश्व हिंदू परिषद के विभाग सह मंत्री नीतेश गोलू सूर्यवंशी ने कहा कि पीड़ित महिला को न्याय मिलना चाहिए और मामले की सही और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.



