Janjgir Champa Murder Case: छत्तीसगढ़ के नगर पंचायत पामगढ़ में शुक्रवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में हुई दो लोगों की मौत का मामला कोई साधारण हादसा या जहरीली शराब का कांड नहीं, बल्कि एक सोचीसमझी साजिश के तहत किया गया दोहरा हत्याकांड निकला है. 10 लाख के कर्ज की वसूली और मकान बिकने के डर से आरोपी ने शराब में सुहागा मिलाकर अपने ही साथी की हत्या की साजिश रची थी. इस खौफनाक साजिश की चपेट में आकर निर्दोष बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े की भी जान चली गई, जिनका इस पूरे विवाद या लेनदेन से कोई संबंध नहीं था.

पुलिस तफ्तीश और पड़ताल में इस साजिश की पूरी परतें उघड़ी हैं. निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे ने ग्राम पनगांव निवासी अपने परिचित कमल नाथ खरे उर्फ राजा को करीब 10 लाख उधार दिए थे. जोहित लगातार अपने पैसे वापस मांग रहा था. हाल ही में उसने राजा पर दबाव बनाते हुए कह दिया था कि अगर पैसे नहीं लौटा सकता, तो अपना मकान बेचकर पूरा हिसाब चुकता करे. सिर पर बढ़ते कर्ज और मकान छिन जाने के खौफ में राजा खरे ने अपने साथी मुकेश कश्यप उर्फ गोलू के साथ मिलकर जोहित को रास्ते से हटाने की खूनी योजना बना डाली.
बातचीत के बहाने बुलाई शराब पार्टी, चपेट में आए निर्दोष बसपा पार्षद
23 अक्टूबर की शाम को इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया. आरोपी राजा खरे और उसके साथी मुकेश कश्यप ने बातचीत के बहाने जोहितराम खरे को शराब पार्टी में बुलाया. इसी दौरान वार्ड क्रमांक 8 के बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े भी वहां सामान्य बातचीत के सिलसिले में पहुंच गए और अनजाने में पार्टी में शामिल हो गए. आरोपियों ने शराब में विषैला पदार्थ मिला रखा था, जिसे पीने से क्लिनिक संचालक और बसपा पार्षद दोनों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई.
कितना जहरीला होता है सुहागा ?
विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार शराब में सुहागा मिलाना जानलेवा साबित होता है. सुहागा पेट में पहुंचते ही पेट के गैस्ट्रिक एसिड से क्रिया कर अत्यधिक जहरीला बोरिक एसिड बना देता है. इसके असर से किडनी, लीवर और फेफड़े तेजी से काम करना बंद कर देते हैं, जिससे सांस रुकने और ऑर्गन्स फेल होने से इंसान की दर्दनाक मौत हो जाती है.



