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मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग का बढ़ा क्रेज: 50 सीटों के लिए 350 आवेदन, चयन प्रक्रिया शुरू

Mukhyamantri Abhyudaya Free Coaching Scheme: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस के बीच प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना युवाओं के लिए बड़ी उम्मीद बनकर उभर रही है।

मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग का बढ़ा क्रेज: 50 सीटों के लिए 350 आवेदन, चयन प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग का बढ़ा क्रेज: 50 सीटों के लिए 350 आवेदन, चयन प्रक्रिया शुरू

प्रयागराज के केपी इंटर कॉलेज में संचालित अभ्युदय कोचिंग में इस सत्र के लिए महज 50 सीटों पर 350 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सीमित सीटों के मुकाबले सात गुना अधिक आवेदन आने से योजना की बढ़ती लोकप्रियता साफ नजर आ रही है। अब पात्र अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निशुल्क कोचिंग और अध्ययन सामग्री उपलब्ध

महंगाई के दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रछात्राओं के लिए अभ्युदय कोचिंग एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत छात्रों को पूरी तरह निशुल्क कोचिंग, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे बिना आर्थिक दबाव के अपनी तैयारी जारी रख सकें।

प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी

प्रयागराज में संचालित अभ्युदय कोचिंग में जेईई, नीट, कर्मचारी चयन आयोग , संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग सहित विभिन्न की तैयारी कराई जाती है। हर वर्ष निर्धारित सीटों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन कर नियमित कक्षाओं के माध्यम से परीक्षा की तैयारी कराई जाती है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी रामशंकर पटेल ने बताया कि इस सत्र के लिए अब तक 350 आवेदन प्राप्त हुए हैं। निर्धारित पात्रता, शैक्षिक योग्यता और चयन मानकों के आधार पर 50 अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही कोचिंग के सुचारु संचालन के लिए करीब 40 प्रवक्ताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि सीमित सीटों के मुकाबले बड़ी संख्या में आवेदन यह संकेत देते हैं कि सरकारी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण और की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में योजना का दायरा बढ़ाने और सीटों की संख्या में वृद्धि पर भी भविष्य में विचार किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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