BusinessIndia

​China Gold Discovery: चीन के हाथ लगा 50 बड़ी खदानों के बराबर सोना, जमीन के नीचे मिला दुलर्भ धातुओं का बड़ा भंडार

चीन को कीमती धातुओं का बड़ा खजाना हाथ लग गया है। चीन को सोना, निकेल और रेनियम सहित कई दुलर्भ और कीमती धातुओं का भंडार मिला है। चीन की सरकार की न्यूज एजेंसी सिन्हुआ किरिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में खनिजों के भंडार का नए सिरे से आकलन किया गया है. इस जांच के बाद चीन के रणनीतिक संसाधनों में भारी उछाल आया है. इनमें सोना, निकल, रेनियम जैसे बेहद कीमती खनिज शामिल हैं. चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि इस नई पड़ताल ने देश की खनिज ताकत को कई गुना बढ़ा दिया है.

​China Gold Discovery: चीन के हाथ लगा 50 बड़ी खदानों के बराबर सोना, जमीन के नीचे मिला दुलर्भ धातुओं का बड़ा भंडार

सोने से लेकर रेनियम तक के भंडार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से शिन्हुआ ने बताया कि चीन के पास मौजूद रेनियम के भंडार में 200 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रेनियम कोई आम धातु नहीं है. इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा तापमान सहने वाले सुपरअलॉय बनाने में होता है, जिनसे जेट इंजन के जरूरी पुर्जे तैयार किए जाते हैं.

वहीं सोने के भंडार में इतनी बढ़ोतरी हुई है जो 50 बड़ी खदानों के बराबर है. निकल के मामले में भी चीन को बड़ी कामयाबी मिली है. इसके भंडार में 30 बड़ी खदानों के बराबर इजाफा हुआ है. इसके अलावा गैलियम, इंडियम, टैंटलम के साथ वैनेडियम के भंडार भी बढ़े हैं. इन चारों खनिजों में 1010 बड़ी खदानों के बराबर की बढ़ोतरी हुई है. ये कामयाबी उन खदानों की दोबारा जांच से मिली है, जिन्हें पहले कम गुणवत्ता वाला या इस्तेमाल करने में मुश्किल माना जाता था.

साल भर चला अभियान, 1800 से ज्यादा खदानों की हुई छानबीन

ये कोई छोटामोटा सर्वे नहीं था. पूरे एक साल तक चले इस प्रोजेक्ट में चीन के 17 रणनीतिक खनिजों पर पूरा ध्यान लगाया गया. इस दौरान देशभर में चालू हालत वाली 1,800 से ज्यादा खदानों के साथ बड़े से लेकर मध्यम आकार के खनन इलाकों को खंगाला गया.

इस पूरे अभियान को पूरा करने के लिए 100 से ज्यादा संस्थानों ने एक साथ काम किया. चीन के 27 प्रांतों, स्वायत्त क्षेत्रों के अलावा नगर पालिकाओं में करीब 2,000 सर्वे कर्मचारियों ने दिनरात एक करके ये आंकड़े जुटाए हैं. पुरानी खदानों में दबे सहउत्पादों के नए मूल्यांकन से ही इतना बड़ा खजाना सामने आया है.

शिनजियांग में मिली नई खोज से घटेगी विदेशों पर निर्भरता

इस राष्ट्रव्यापी जांच के अलावा चीन के हाथ एक बिल्कुल नई कामयाबी भी लगी है. शिन्हुआ के मुताबिक, शिनजियांग प्रांत के बायचेंग इलाके में देश का पहला ‘पैलियोफ्लुवियललैकुस्ट्रिन जिरकॉन प्लेसर’ भंडार खोजा गया है. इस नई खोज से चीन के भीतर जिरकॉन की घरेलू सप्लाई काफी बढ़ सकती है. चीन लंबे समय से जिरकॉन के लिए बाहरी देशों से होने वाले आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर रहा है. जिरकॉन ही वो खनिज है जिससे जिरकोनियम मिलता है. जिरकोनियम का इस्तेमाल न्यूक्लियर रिएक्टर की फ्यूलरॉड क्लैडिंग बनाने में होता है. साथ ही ज्यादा तापमान सहने वाले एयरोस्पेस अलॉय बनाने में भी ये बेहद काम आता है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply