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पुणे एयरपोर्ट पर भावुक कहानी’ सुनाकर मांगता था पैसे, कई पहचान लेकर घूम रहा था शख्स; CISF ने ऐसे पकड़ा

पुणे एयरपोर्ट पर भावुक कहानी’ सुनाकर मांगता था पैसे, कई पहचान लेकर घूम रहा था शख्स; CISF ने ऐसे पकड़ा

पुणे एयरपोर्ट पर यात्रियों से मदद के नाम पर पैसे ऐंठने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की क्राइम एंड इंटेलिजेंस विंग ने एक ऐसे शख्स को पकड़ा है, जो कथित तौर पर अलग-अलग पहचान के जरिए यात्रियों को अपनी बातों में फंसाता था और फिर उनसे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाता था।

बताया गया कि आरोपी के पास अलग-अलग नामों से कई पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस मिले हैं। CISF की जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले भी इसी तरीके से एक यात्री से पैसे लिए गए थे।

यात्री को सुनाई भावुक कहानी और मांगे 20 हजार रुपये

मामला 24 सितंबर 2026 की सुबह का बताया जा रहा है। करीब पौने छह बजे हैदराबाद से इंडिगो की फ्लाइट से एक यात्री काम के सिलसिले में पुणे एयरपोर्ट पहुंचा था। जैसे ही वह अराइवल गेट से बाहर निकला, एक शख्स ने उसे रोक लिया।

आरोपी ने कथित तौर पर यात्री को अपनी एक भावुक कहानी सुनाई और मदद के नाम पर 20 हजार रुपये मांगे। उसकी बातों पर भरोसा करते हुए यात्री ने मदद करने का फैसला किया और बताए गए Google Pay नंबर पर 11 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

लेकिन इसी दौरान एयरपोर्ट के CISF कंट्रोल रूम और क्राइम एंड इंटेलिजेंस विंग की नजर इस बातचीत पर पड़ गई।

CISF को हुआ शक तो खुलने लगीं कई पहचान

संदिग्ध गतिविधि नजर आने के बाद CISF जवानों ने शख्स को रोककर पूछताछ शुरू की। उसके दस्तावेजों की जांच की गई तो मामला और भी संदिग्ध नजर आया।

जांच के दौरान उसके पास अलग-अलग नामों वाले कई पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस मिलने की बात सामने आई। जिस Google Pay खाते में यात्री ने पैसे भेजे थे, वह ‘गुज्जरलापुडी बाला कोटेश्वर राव’ के नाम पर बताया गया।

वहीं, उसके पास मिले पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस पर ‘एम. वी. दिनेश कुमार’ नाम दर्ज था, जिसका पता गुंटूर, आंध्र प्रदेश बताया गया। इसके अलावा उसके पास पारुल यूनिवर्सिटी का एक फैकल्टी आईडी कार्ड भी मिला, जिसमें ‘अल्लूरु श्याम प्रसाद’ नाम लिखा था।

अलग-अलग नामों और दूसरे व्यक्ति के नाम वाले खाते में पैसे मंगाने को लेकर CISF की पूछताछ में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।

CCTV ने खोला पुरानी ठगी का कनेक्शन

पूछताछ के दौरान CISF को एक पुरानी घटना से भी इस शख्स का कनेक्शन मिलने की बात सामने आई।

दरअसल, 1 सितंबर 2026 को पुणे एयरपोर्ट के सिटी साइड इलाके में इसी तरह एक यात्री से करीब 18,600 रुपये की ठगी की शिकायत सामने आई थी। घटना के बाद CISF की इंटेलिजेंस विंग ने उस इलाके में निगरानी बढ़ा दी थी।

जब मौजूदा संदिग्ध की तस्वीर और गतिविधियों का मिलान पहले की घटना की CCTV फुटेज से किया गया, तो दोनों मामलों में समानता मिलने की बात सामने आई। CISF के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने पुरानी घटना में भी शामिल होने की बात स्वीकार की।

इस मामले में साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायत पहले ही दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

आरोपी पुलिस को सौंपा गया

मौजूदा मामले में यात्री की लिखित शिकायत के बाद CISF ने आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुणे के विमानतल थाने की पुलिस को सौंप दिया है।

CISF के मुताबिक एयरपोर्ट पर संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि एयरपोर्ट पर किसी अनजान व्यक्ति की भावुक कहानी सुनकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी बातों की पुष्टि जरूर करें।

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