CJP Jantar Mantar Protest: कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बार फिर दिल्ली के जंतरमंतर पर अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल खाली कराए जाने के करीब छह घंटे बाद अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ दोबारा जंतरमंतर पहुंचे और अस्थायी मंच बनाकर धरना फिर शुरू कर दिया।

सोमवार रात 11 बजे तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वहां जुटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी संसद मार्च निकाला जाएगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
दरअसल, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने ‘संसद चलो’ मार्च निकाला था। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग भी किया। इसके बाद सोमवार शाम करीब 5 बजे जंतरमंतर खाली करा दिया गया था, लेकिन देर रात प्रदर्शनकारी फिर लौट आए।
ये भी पढ़ें:
सरकार और CJP के बीच पहली बार हुई बातचीत
आंदोलन के बीच सरकार ने पहली बार CJP नेतृत्व से बातचीत की। सोमवार सुबह करीब 6 बजे नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त की पहल पर बातचीत शुरू हुई। इसके बाद सुबह 11:45 बजे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की। करीब 10 मिनट चली इस बैठक में CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। जिसमें पहली सोनम वांगचुक को अस्पताल से तत्काल रिहा किया जाए। दूसरी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। और NEET मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एकएक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। CJP का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जंतरमंतर पर धरना और संसद मार्च दोनों जारी रहेंगे।
CJP प्रवक्ता का आरोप ‘लाठीचार्ज सिर्फ पुलिस ने किया
#WATCH | Delhi | On yesterday’s protest march, Cockroach Janta Party National Spokesperson Ashutosh Ranka says, “It was just the Police who used lathis. Our youths were beaten up, their heads cracked open, they were dragged on streets. Sonam sir’s wife Gitanjali ma’am’s… pic.twitter.com/8yg6sHQ3Bz
— ANI July 21, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लाठीचार्ज केवल पुलिस की ओर से किया गया, जिसमें कई युवाओं को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को पीटा गया, उनके सिर फोड़ दिए गए और उन्हें सड़कों पर घसीटा गया। रांका ने यह भी दावा किया कि सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि को पुलिसकर्मियों ने ट्रक से नीचे उतारने के दौरान उनके बाल खींचे। उन्होंने कहा कि एक प्रदर्शनकारी की पसलियां भी टूट गईं। उनके मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई की उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी और दिल्ली पुलिस ने सभी सीमाएं पार कर दीं।
उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि और बड़ा होगा। उनके अनुसार, अब देशभर से और अधिक लोग दिल्ली पहुंचेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकार के साथ हुई बातचीत पर भी आशुतोष रांका ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि करीब पांच घंटे चली बैठक के बावजूद कोई ठोस जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि सरकार आगे बातचीत करना चाहती है, तो उसे जंतरमंतर आकर प्रदर्शनकारियों से सीधे संवाद करना होगा।
ये भी पढ़ें:



