CJP Jantar Mantar Protest: कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बार फिर दिल्ली के जंतरमंतर पर अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल खाली कराए जाने के करीब छह घंटे बाद अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ दोबारा जंतरमंतर पहुंचे और अस्थायी मंच बनाकर धरना फिर शुरू कर दिया।

प्रियंका गांधी का केंद्र पर हमला, बोलीं शिक्षा मंत्री जिम्मेदारी लें और इस्तीफा दें
Delhi: Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, “They are absolutely antiyouth. They are antiyouth, antipoor, and antifarmers. It’s been 12 years, and we are all seeing this. When farmers protest, you suppress them. Now you are suppressing the children. They are children.… pic.twitter.com/wVdAPWQXeq
— IANS July 21, 2026
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्रों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार युवाओं, किसानों और गरीबों के हितों की अनदेखी कर रही है।
प्रियंका गांधी ने कहा, “जब किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते हैं तो उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है। अब छात्रों की आवाज भी दबाई जा रही है। वे बच्चे हैं, उनकी बात शांतिपूर्वक सुनी जानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। प्रियंका ने कहा, “यह शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी है। उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। पहले ऐसा समय था जब मंत्री किसी बड़ी घटना की जिम्मेदारी स्वीकार करते थे। मुझे याद है कि 1980 के दशक में एक रेल हादसे के बाद मंत्री ने अगले ही दिन इस्तीफा दे दिया था। इसलिए जिम्मेदारी लीजिए, इस्तीफा दीजिए और सबसे जरूरी, व्यवस्था को ठीक कीजिए।
आंदोलन किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होगादीपके
शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर अड़ा CJP, फिर शुरू हुआ प्रदर्शन
दिल्ली के जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद थमता नजर नहीं आ रहा है। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल को खाली कराए जाने के महज 6 घंटे बाद… pic.twitter.com/EM8L34WRkC
— Bansal News Official July 21, 2026
सोमवार रात 11 बजे तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वहां जुटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी संसद मार्च निकाला जाएगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
दरअसल, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने ‘संसद चलो’ मार्च निकाला था। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग भी किया। इसके बाद सोमवार शाम करीब 5 बजे जंतरमंतर खाली करा दिया गया था, लेकिन देर रात प्रदर्शनकारी फिर लौट आए।
प्रदर्शन हिंसा पर दिल्ली पुलिस का सख्त एक्शन, 70 लोग हिरासत में
CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, पथराव, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमले के मामलों में अलगअलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने अब तक 70 लोगों को हिरासत में लिया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में एक IPS अधिकारी, दिल्ली पुलिस के 10 अधिकारियों समेत 118 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान घायल हुए। दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में हिंसा और पथराव करने वाले सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस का एक्शन, अब तक 5 FIR दर्ज
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और अन्य थानों में कुल 5 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी एफआईआर दर्ज की जा सकती हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वीडियो के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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सरकार और CJP के बीच पहली बार हुई बातचीत
आंदोलन के बीच सरकार ने पहली बार CJP नेतृत्व से बातचीत की। सोमवार सुबह करीब 6 बजे नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त की पहल पर बातचीत शुरू हुई। इसके बाद सुबह 11:45 बजे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की। करीब 10 मिनट चली इस बैठक में CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। जिसमें पहली सोनम वांगचुक को अस्पताल से तत्काल रिहा किया जाए। दूसरी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। और NEET मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एकएक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। CJP का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जंतरमंतर पर धरना और संसद मार्च दोनों जारी रहेंगे।
CJP प्रवक्ता का आरोप ‘लाठीचार्ज सिर्फ पुलिस ने किया
#WATCH | Delhi | On yesterday’s protest march, Cockroach Janta Party National Spokesperson Ashutosh Ranka says, “It was just the Police who used lathis. Our youths were beaten up, their heads cracked open, they were dragged on streets. Sonam sir’s wife Gitanjali ma’am’s… pic.twitter.com/8yg6sHQ3Bz
— ANI July 21, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लाठीचार्ज केवल पुलिस की ओर से किया गया, जिसमें कई युवाओं को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को पीटा गया, उनके सिर फोड़ दिए गए और उन्हें सड़कों पर घसीटा गया। रांका ने यह भी दावा किया कि सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि को पुलिसकर्मियों ने ट्रक से नीचे उतारने के दौरान उनके बाल खींचे। उन्होंने कहा कि एक प्रदर्शनकारी की पसलियां भी टूट गईं। उनके मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई की उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी और दिल्ली पुलिस ने सभी सीमाएं पार कर दीं।
उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि और बड़ा होगा। उनके अनुसार, अब देशभर से और अधिक लोग दिल्ली पहुंचेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकार के साथ हुई बातचीत पर भी आशुतोष रांका ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि करीब पांच घंटे चली बैठक के बावजूद कोई ठोस जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि सरकार आगे बातचीत करना चाहती है, तो उसे जंतरमंतर आकर प्रदर्शनकारियों से सीधे संवाद करना होगा।
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