
नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान से जुड़े एक कथित आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एजेंसियों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के दौरान पंजाब, पश्चिम बंगाल और अन्य स्थानों पर चलाए गए अभियानों में कुल 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में दिल्ली, अमृतसर, तरनतारन और पश्चिम बंगाल के वर्धमान को संभावित निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है।
कई राज्यों में एक साथ चला अभियान
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों में सक्रिय मॉड्यूल को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। इनमें कथित तौर पर हथियारों की सप्लाई, संवेदनशील स्थानों की रेकी, स्थानीय युवाओं की भर्ती और महत्वपूर्ण सूचनाएं जुटाने जैसे काम शामिल थे। एजेंसियां पूरे नेटवर्क के आपसी संबंधों की जांच कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल मॉड्यूल में विदेशी संपर्कों की जांच
जांच के दौरान पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार एक आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान के +92 नंबरों के अलावा कुछ अन्य विदेशी नंबर मिलने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
एजेंसियों का कहना है कि इस मॉड्यूल को कथित तौर पर स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार करने, प्रभावशाली लोगों तक पहुंच बनाने और संवेदनशील सूचनाएं जुटाने जैसे कार्य सौंपे गए थे। कुछ अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
पंजाब में दो मॉड्यूल का खुलासा
पंजाब पुलिस ने अमृतसर में कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मॉड्यूल से जुड़े कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उनके पास से अवैध हथियार, कारतूस, पेट्रोल बम और अन्य सामान बरामद किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपी कथित तौर पर सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी कर रहे थे और रेलवे ट्रैक के आसपास निगरानी से जुड़े उपकरण लगाने की भी जांच की जा रही है। पुलिस इन दावों की पुष्टि के लिए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।
तरनतारन में हथियार बरामद
तरनतारन में संयुक्त अभियान के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से कई विदेशी हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए जाने का दावा किया गया है। पूछताछ में कथित रूप से पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, संपर्कों और मनी ट्रेल की भी पड़ताल कर रही हैं।
15 अगस्त से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले किसी बड़ी साजिश की तैयारी हो सकती थी। हालांकि, जांच अभी जारी है और एजेंसियां सभी डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा, बैंक लेनदेन और संदिग्ध संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।
जांच में अब तक सामने आए प्रमुख बिंदु
- तीन राज्यों में कार्रवाई के दौरान 12 संदिग्ध गिरफ्तार किए गए।
- दिल्ली, अमृतसर, तरनतारन और वर्धमान को संभावित निशाना बनाए जाने की जांच।
- विदेशी नंबरों और डिजिटल संपर्कों की पड़ताल जारी।
- अवैध हथियार, कारतूस और अन्य सामग्री बरामद होने का दावा।
- ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने और नेटवर्क की फंडिंग की जांच।
- सुरक्षा एजेंसियां पूरे मॉड्यूल और उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।



