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पपीते के पत्तों से प्लेटलेट्स बढ़ने का दावा विवादों में, टाटा मेमोरियल सेंटर की स्टडी की हो रही समीक्षा..

पपीते के पत्तों से प्लेटलेट्स बढ़ने का दावा विवादों में, टाटा मेमोरियल सेंटर की स्टडी की हो रही समीक्षा..

पपीते के पत्तों के रस या उसके अर्क (Papaya Leaf Extract) को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC) के शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में दावा किया गया था कि कैरिका पपीता लीफ एक्सट्रैक्ट (CPLE) कीमोथेरेपी के कारण कम हुए प्लेटलेट्स (Chemotherapy-Induced Thrombocytopenia) की रिकवरी में मदद कर सकता है। हालांकि, अब यही रिसर्च अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवालों के घेरे में आ गई है और इसकी समीक्षा शुरू कर दी गई है।

क्या था स्टडी का दावा?

टाटा मेमोरियल सेंटर के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में कहा था कि कैरिका पपीता पत्ती के अर्क से बनी गोलियां कीमोथेरेपी करा रहे कुछ मरीजों में प्लेटलेट काउंट बढ़ाने और रिकवरी को बेहतर बनाने में सहायक हो सकती हैं।

यह अध्ययन हाल ही में एक पीयर-रिव्यू मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ था, जिसके बाद इसे चिकित्सा जगत में काफी चर्चा मिली।

अब क्यों उठ रहे हैं सवाल?

रिपोर्ट प्रकाशित होने के कुछ समय बाद ही कई विशेषज्ञों ने इसके निष्कर्षों पर सवाल उठाए। केरल के हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. सिरियाक एबी फिलिप्स, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘द लिवर डॉक’ के नाम से भी जाना जाता है, ने अध्ययन की कार्यप्रणाली और निष्कर्षों की दोबारा जांच की मांग की।

इसके बाद संबंधित मेडिकल जर्नल ने इस रिसर्च की आंतरिक समीक्षा (Internal Review) शुरू कर दी है।

जर्नल ने जोड़ी चेतावनी

स्टडी के ऑनलाइन संस्करण में अब एक विशेष नोट जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि शोध के निष्कर्षों और उनकी क्लिनिकल व्याख्या को लेकर कुछ चिंताएं सामने आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

जब तक समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस अध्ययन के निष्कर्षों को सावधानी के साथ पढ़ने और समझने की सलाह दी गई है।

क्या पपीते के पत्तों का रस प्लेटलेट्स बढ़ाता है?

पपीते के पत्तों के रस को लेकर पहले भी कई दावे किए जाते रहे हैं, खासकर डेंगू और कम प्लेटलेट्स के मामलों में। हालांकि, अब तक उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं और विशेषज्ञों का मानना है कि इसे किसी भी बीमारी के मानक इलाज (Standard Treatment) का विकल्प नहीं माना जा सकता।

यदि किसी मरीज के प्लेटलेट्स कम हैं या वह कैंसर का इलाज करा रहा है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी हर्बल या वैकल्पिक उपचार का उपयोग नहीं करना चाहिए।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और प्रकाशित शोध से मिली जानकारी पर आधारित है। संबंधित अध्ययन की समीक्षा अभी जारी है। किसी भी बीमारी के उपचार के लिए केवल योग्य चिकित्सक की सलाह का पालन करें और स्वयं उपचार करने से बचें।

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