
करवा चौथ 2026: सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत इस साल 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की कामना के साथ उपवास रखती हैं। व्रत के दौरान पूजा के शुभ समय और चंद्रमा के दर्शन को लेकर भी विशेष उत्सुकता रहती है। इस बार पूजा के मुहूर्त और भद्रा की स्थिति को लेकर जानकारी जुटाना जरूरी है, ताकि स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा की जा सके।
शाम को इस समय कर सकती हैं पूजा
अंबाला के लिए उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ की पूजा और कथा सुनने का समय शाम 5 बजकर 48 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक बताया गया है। हालांकि, इस समय को अपने शहर के स्थानीय पंचांग से मिलान कर लेना चाहिए, क्योंकि सूर्योदय, सूर्यास्त और अन्य पंचांग गणनाओं के आधार पर समय में अंतर हो सकता है।
क्या करवा चौथ पर भद्रा पूजा में बाधा बनेगी?
करवा चौथ के दौरान भद्रा की स्थिति को लेकर कई श्रद्धालुओं के मन में सवाल रहते हैं। भद्रा को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उस दिन की सही पंचांग गणना देखना जरूरी है। केवल सामान्य मान्यता के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि पूजा में बाधा होगी या नहीं। इसके लिए स्थानीय पंचांग अथवा योग्य ज्योतिषाचार्य से पुष्टि करना बेहतर होगा।
चांद निकलने का समय क्यों है खास?
करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। महिलाएं दिनभर उपवास रखने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा करके व्रत खोलती हैं।
चंद्रोदय का समय हर शहर में अलग हो सकता है। इसलिए अंबाला, चंडीगढ़, लुधियाना, दिल्ली या किसी दूसरे शहर में रहने वाली महिलाओं को अपने स्थान के अनुसार चांद निकलने का समय देखना चाहिए।
पूजा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- पूजा की सामग्री और करवा पहले से तैयार रखें।
- व्रत कथा और पूजा की विधि अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार अपनाएं।
- शुभ मुहूर्त और भद्रा की स्थिति स्थानीय पंचांग से जांच लें।
- चंद्रमा के दर्शन के लिए अपने शहर का चंद्रोदय समय देखें।
करवा चौथ का व्रत धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा है। सही समय की जानकारी लेकर पूजा की तैयारी करने से दिनभर की व्यवस्था आसान हो सकती है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध पंचांग संबंधी जानकारी पर आधारित है। पूजा का शुभ मुहूर्त, भद्रा की स्थिति और चंद्रोदय का समय स्थान के अनुसार बदल सकता है। अंतिम पुष्टि के लिए स्थानीय पंचांग देखें।



