महिला सशक्तिकरण और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

अनुभवी अध्यक्षों व सदस्यों की नियुक्ति से जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मिलेगा बल
नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण, उनके सशक्तिकरण तथा अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण व संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दिल्ली महिला आयोग तथा दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग का गठन कर दिया है। दोनों आयोगों में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में श्रीमती लता गुप्ता की नियुक्ति की गई है। आयोग के सदस्यों में श्रीमती श्याम बाला, श्रीमती मालती वर्मा, श्रीमती लता सोढ़ी, श्रीमती सनरीका शर्मा झा तथा श्रीमती रेणु भल्ला को शामिल किया गया है। इसी प्रकार दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में श्री निर्मल जैन की नियुक्ति की गई है। आयोग के सदस्यों में श्री कुलदीप सिंह तथा श्री मोहम्मद हारून को नामित किया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन, नारी सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को नई दिशा मिली है। दिल्ली सरकार उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि महिलाओं तथा अल्पसंख्यक समुदायों को उनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा, सम्मानजनक अवसर और समयबद्ध न्याय उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली महिला आयोग और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग केवल वैधानिक संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि जनविश्वास को सशक्त करने वाले ऐसे महत्वपूर्ण मंच हैं, जो समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों की आवाज़ को मजबूती प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्य निष्पक्षता, संवेदनशीलता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाएगा, जबकि अल्पसंख्यक आयोग अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की रक्षा, उनके कल्याण एवं समावेशी विकास को गति प्रदान करेगा।



