
Nails Palmistry: सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष में शरीर के अलग-अलग अंगों की बनावट को ग्रहों की स्थिति और व्यक्ति के स्वभाव से जोड़कर देखा जाता है। इसमें हाथों के नाखूनों को भी विशेष महत्व दिया गया है। लाल किताब की मान्यताओं के अनुसार, नाखूनों का आकार, रंग और बनावट बुध, राहु, शुक्र, गुरु, केतु और शनि जैसे ग्रहों की स्थिति के संकेत दे सकते हैं। आइए जानते हैं किस ग्रह से नाखूनों की कौन सी बनावट जोड़ी जाती है और उसके लिए क्या उपाय बताए गए हैं।
बुध ग्रह कमजोर होने पर नाखूनों में दिखते हैं ये लक्षण
लाल किताब की मान्यताओं के अनुसार, बुध ग्रह का संबंध बुद्धि, वाणी, शिक्षा और व्यापार से माना जाता है। कहा जाता है कि बुध की स्थिति प्रतिकूल होने पर कुछ लोगों के नाखून गोल या हल्के हरे रंग के दिखाई दे सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, ऐसी स्थिति में शिक्षा और कारोबार से जुड़े कामों में रुकावटें आ सकती हैं।
बुध ग्रह के उपाय:
- बुधवार को हरे रंग के वस्त्र धारण करें।
- गाय को हरा चारा खिलाएं।
- भगवान गणेश की पूजा करें।
- ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
राहु की प्रतिकूलता से जुड़े नाखूनों के संकेत
ज्योतिष शास्त्र में राहु को छाया ग्रह माना गया है। लाल किताब के अनुसार, नाखूनों का असामान्य रूप से चौड़ा होना, नीला दिखाई देना या टेढ़ा होना राहु की प्रतिकूल स्थिति से जोड़ा जाता है।
मान्यता है कि राहु के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति को भ्रम, अनावश्यक डर और निर्णय लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
राहु के उपाय:
- ‘ॐ रां राहवे नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
- भगवान शिव के मंदिर में जाकर जल अर्पित करें।
- नियमित रूप से पूजा-पाठ और ध्यान करें।
शुक्र ग्रह की स्थिति और नाखूनों का संबंध
शुक्र ग्रह को ज्योतिष में प्रेम, सौंदर्य, वैवाहिक जीवन और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। लाल किताब की मान्यताओं के अनुसार, छोटे और सफेद रंग के नाखून शुक्र की प्रतिकूल स्थिति से जुड़े हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति में वैवाहिक जीवन और आर्थिक सुख-सुविधाओं में परेशानियां आने की मान्यता है।
शुक्र ग्रह के उपाय:
- शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का दान करें।
- जरूरतमंदों को दूध, दही या चीनी दान करें।
- ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
- शुक्रवार को गुलाबी या हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
बृहस्पति कमजोर होने पर कैसे दिखाई देते हैं नाखून?
बृहस्पति यानी गुरु ग्रह को ज्ञान, धन, विवाह और भाग्य का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बहुत छोटे और पीले नाखून या असामान्य रूप से लंबे नाखून गुरु की कमजोर स्थिति से जोड़े जाते हैं।
मान्यता है कि गुरु की प्रतिकूलता से करियर, विवाह और आर्थिक मामलों में बाधाएं आ सकती हैं।
बृहस्पति के उपाय:
- गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान करें।
- जरूरतमंदों को चने की दाल और केले दें।
- पीले वस्त्र धारण करें।
- स्नान के पानी में थोड़ी हल्दी मिलाने की परंपरा भी बताई गई है।
केतु की स्थिति का नाखूनों पर क्या असर माना जाता है?
केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह माना जाता है। लाल किताब के अनुसार, बहुत लंबे, संकरे या चितकबरे रंग के नाखून केतु की प्रतिकूल स्थिति से जोड़े जाते हैं।
ज्योतिषीय मान्यता है कि केतु की अशुभ स्थिति से व्यक्ति को मानसिक उलझन और निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है।
केतु के उपाय:
- भगवान गणेश की पूजा करें।
- गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
- जरूरतमंदों की सहायता करें।
- कुत्तों को भोजन खिलाने की परंपरा भी प्रचलित है।
- ‘ॐ कें केतवे नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
शनि ग्रह की प्रतिकूलता और नाखूनों के संकेत
शनि देव को कर्मफल और न्याय का देवता माना जाता है। लाल किताब की मान्यताओं के अनुसार, मध्यम आकार के नाखूनों पर कालापन दिखाई देना शनि की प्रतिकूल स्थिति से जोड़ा जाता है।
मान्यता है कि शनि के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति को नौकरी, कारोबार और मेहनत के अनुसार परिणाम मिलने में देरी हो सकती है।
शनि देव के उपाय:
- शनिवार को जरूरतमंदों को काले तिल और काले वस्त्र दान करें।
- शनिदेव के मंदिर में सरसों का तेल अर्पित करें।
- गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।
- ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
Satya Report Disclaimer: नाखूनों के रंग और आकार से ग्रहों की स्थिति या भविष्य का अनुमान लगाना लाल किताब और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। नाखूनों में अचानक रंग या बनावट का बदलाव स्वास्थ्य संबंधी कारणों से भी हो सकता है।



