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अंजीर का सेवन भिगोकर: करें या फिर सूखा खाएं, डायटीशियन से जानिए फायदे और तरीका.

अंजीर का सेवन भिगोकर: करें या फिर सूखा खाएं, डायटीशियन से जानिए फायदे और तरीका.

सूखे मेवों (Dry Fruits) की सूची में अंजीर (Figs) को सबसे पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर अंजीर न केवल पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि ब्लड प्रेशर और वजन को कंट्रोल रखने में भी मददगार मानी जाती है। हालांकि, अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि अंजीर का पूरा फायदा पाने के लिए इसे सूखा खाना चाहिए या फिर रात भर पानी में भिगोकर?

पोषण विशेषज्ञों और आहार विशेषज्ञों (Dietitians & Clinical Nutritionists) के अनुसार, अंजीर को सुखाकर या भिगोकर खाने से शरीर पर इसके पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण (Nutrient Absorption) पर अलग-अलग असर पड़ता है। एशियन हॉस्पिटल की हेड डाइटिशियन कोमल मलिक ने बताया रात भर भिगोया हुआ अंजीर पाचन में हल्का होता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में ज्यादा असरदार माना जाता है, जबकि सूखे अंजीर में शुगर की सांद्रता (Natural Sugars) थोड़ी अधिक होती है। गर्मी के मौसम में अंजीर का सेवन पानी में भिगोकर करें तो सेहत को ज्यादा फायदा होगा।

भिगोया हुआ अंजीर और सूखा अंजीर के न्यूट्रीशन में क्या फर्क?

सूखा अंजीर (Dried Fig) पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसमें फाइबर, प्राकृतिक शुगर, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे रातभर पानी में भिगोने पर अंजीर पानी सोख लेता है और नरम हो जाता है। इससे उसका वजन और मात्रा बढ़ जाती है, लेकिन इसमें नए पोषक तत्व पैदा नहीं होते। पानी सोखने के कारण प्रति 100 ग्राम अंजीर में कैलोरी और शुगर की मात्रा सूखे अंजीर की तुलना में कम हो जाती है, क्योंकि उसमें पानी की मात्रा बढ़ जाती है। माना जाता है कि अंजीर का सेवन भिगोकर करने से उसका फाइटिक एसिड कम हो जाता है और उसे पचाना आसान होता है।

सूखा अंजीर खाने के क्या फायदे हैं?

सूखा अंजीर पोषक तत्वों और प्राकृतिक शुगर का अधिक सघन स्रोत होता है। एक से दो अंजीर खाने पर भी शरीर को पर्याप्त फाइबर और कैलोरी मिल सकती है। इसलिए इसे स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है। हालांकि, इसमें नेचुरल शुगर और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में खाना उचित नहीं है।

भिगोया हुआ अंजीर किसके लिए बेहतर हो सकता है?

भिगोने के बाद अंजीर नरम और चबाने में आसान हो जाता है। कुछ लोगों को भिगा हुआ सॉफ्ट अंजीर खाना आसान लगता है। अगर किसी व्यक्ति को सूखे मेवे खाने से मुंह में सूखापन या चबाने में परेशानी होती है, तो भिगोया हुआ अंजीर एक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। लेकिन भिगोने से अंजीर अपने आप ज्यादा पौष्टिक नहीं हो जाता।

कितनी अंजीर खाना सही है?

अंजीर पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर ड्राई फ्रूट है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। सामान्य तौर पर रोजाना 2-3 सूखे अंजीर डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। वहीं ताजा अंजीर में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए इसकी मात्रा सूखे अंजीर से अलग हो सकती है। अंजीर में प्राकृतिक शुगर और कैलोरी भी होती है, इसलिए जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचें।

किन लोगों को अंजीर कम खाना चाहिए?

जिन लोगों को ब्लड शुगर की समस्या है, उन्हें अंजीर की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि सूखे अंजीर में प्राकृतिक शुगर बहुत ज्यादा होती है। अगर अंजीर खाने से आपको पेट फूलना, गैस या पाचन संबंधी परेशानी होती है तो इसकी मात्रा कम करें।

अंजीर खाने का सही तरीका क्या है?

अंजीर को सूखा खाने के अलावा रातभर पानी में भिगोकर भी खाया जा सकता है। भिगोने से यह नरम हो जाता है और कुछ लोगों के लिए इसे खाना आसान हो सकता है। इसे दूध, दही या स्मूदी में भी शामिल किया जा सकता है।

क्या गर्मी या एसिडिटी में अंजीर नहीं खाना चाहिए?

अंजीर खाने से शरीर में गर्मी बढ़ती है, यह एक सामान्य धारणा है, लेकिन इसका कोई साइंटिफिक प्रमाण मौजूद नहीं है। अगर किसी व्यक्ति को अंजीर खाने के बाद एसिडिटी या पाचन संबंधी परेशानी बढ़ती है तो उसे इसकी मात्रा कम करनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। अंजीर का सेवन व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और खानपान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। डायबिटीज या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोग सेवन की मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।

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