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Cooking Tips: लोहे की कड़ाही और तवा पर नहीं चिपकेगा खाना, शेफ पंकज की इस ट्रिक से बनाएं Non-Stick

आजकल लोग नॉनस्टिक बर्तन का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं. क्योंकि इसपर कम तेल पर खाना बनाना काफी आसान है. वहीं, लोहे के बर्तन पर खाना चिपकने लगता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक आसान घरेलू ट्रिक से आप भी अपने लोहे के बर्तन को नॉनस्टिक बना सकते हैं. जी हां, हाल ही में मास्टर शेफ पंकज भदौरिया ने अपनी इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया है कि अगर आप स्मार्ट ट्रिक अपनाते हैं तो लोहे का बर्तन भी नॉन स्टिक बन सकता है.

Cooking Tips: लोहे की कड़ाही और तवा पर नहीं चिपकेगा खाना, शेफ पंकज की इस ट्रिक से बनाएं Non-Stick
Cooking Tips: लोहे की कड़ाही और तवा पर नहीं चिपकेगा खाना, शेफ पंकज की इस ट्रिक से बनाएं Non-Stick

दरअसल, सही तरीके से सीजनिंग करने पर कड़ाही और तवा न सिर्फ लंबे समय तक टिकाऊ रहते हैं, बल्कि इनमें बना खाना स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से बेहतर माना जाता है. चलिए जानते हैं शेफ पंकज भदौरिया की वो ट्रिक जो बनाएगी आपके लोहे के बर्तन को नॉनस्टिक.

इस ट्रिक से बर्तन बनाएं नॉनस्टिक

शेफ पंकज भदौरिया ने जो ट्रिक बताई है, उसे सीजनिंग कहा जाता है. सीजनिंग एक ऐसा प्रोसेस है, जिसमें लोहे के बर्तन पर ऑयल ग्रीस किया जाता है. आसान भाषा में कहें तो बर्तन पर तेल की एक पतली सी लेयर लगाई जाती है. इससे बर्तन नॉनस्टिक बन जाता है और खाना कम तेल में भी चिपकता नहीं है.

बर्तन को सीजनिंग करने का तरीका

लोहे के बर्तन को सीजनिंग करने के लिए सबसे पहले आप तवे या फिर कड़ाही को गैस पर रखें और उसे हल्का सा गर्म कर लें. ध्यान रहे फ्लेम हाई होनी चाहिए. जब बर्तन अच्छे से गर्म हो जाए तो गैस को स्लो कर दें. इसके बाद ब्रश की मदद से बर्तन पर तेल लगाएं. कुछ देर बाद इसे किसी कपड़े या फिर टीश्यू पेपर की मदद से साफ कर लें. अब फिर से आपको बर्तन को गर्म करना है. कुछ देर बाद देखेंगे बर्तन से हल्दा धुआं निकलने लगेगा. इसी प्रोसेस को आपके एक बार और दोहराना है. 2 बार के बाद आपका बर्तन पूरी तरह से नॉनस्टिक बन जाएगा.

लोहे के बर्तन में खाना पकाने के फायदे

वैसे तो आजकल लोग नॉनस्टिक बर्तन का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन लोहे के बर्तन में पके खाने को खाने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं. बताती है कि लोहे के बर्तन काखाना शरीर में नेचुरल ही आयरन की कमी को दूर करने में मदद करता है. इससे एनीमिया का खतरा भी कम होता है. साथ ही ये नॉनस्टिक बर्तन से ज्यादा सेफ माना जाता है.

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