
आंध्र प्रदेश: विदेश में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक दंपति ने फर्जी विदेशी भर्ती कंसल्टेंसी के जरिए सैकड़ों बेरोजगार युवाओं से करीब 13 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपी यूरोप के कई देशों में नौकरी दिलाने का दावा कर युवाओं से मोटी रकम वसूलते थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि विजयवाड़ा के पास पेद्दुरुपाडु गांव निवासी मुसुनुरी श्रीनिवास और उनकी पत्नी सौजन्या ने ‘फ्लाइंग बॉर्डर्स’ नाम से एक भर्ती कंसल्टेंसी शुरू की थी। दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर युवाओं को नीदरलैंड, आयरलैंड, लक्जमबर्ग और फिनलैंड समेत कई यूरोपीय देशों में नौकरी दिलाने का लालच देते थे।
आरोप है कि दंपति नौकरी के पद के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार से 8 लाख से 13 लाख रुपये तक वसूलता था। भर्ती प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए गिरोह के सदस्य विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर फर्जी ऑनलाइन इंटरव्यू भी लेते थे।
इंटरव्यू के बाद उम्मीदवारों से यह कहकर और पैसे मांगे जाते थे कि उनका चयन अंतिम चरण में है या कुछ अतिरिक्त औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। यदि कोई अभ्यर्थी पैसे वापस मांगता या प्रक्रिया पर सवाल उठाता, तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाता और उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाता।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, विजयवाड़ा में करीब 700 लोगों से लगभग 11 करोड़ रुपये, जबकि विशाखापत्तनम में 130 से अधिक लोगों से करीब 2.2 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



