
उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, अंकित की हत्या के पीछे उसके करीब साढ़े तीन साल पहले रिलीज हुए एक गाने को लेकर पैदा हुई दुश्मनी भी अहम वजह थी। गाने की एक लाइन थी- ‘कोर्ट में मारेंगे मेरी जान, जज को पसीना आएगा।’
पुलिस का दावा है कि इस गाने के बोल कुछ अपराधियों को नागवार गुजरे थे। उन्हें शक था कि अंकित बालियान विरोधी गैंग के इशारे पर ऐसे गाने बना रहा है, जिनके जरिए उन्हें धमकाने की कोशिश की जा रही है। इसी वजह से अंकित को गाना रिलीज होने के बाद दिल्ली में कथित तौर पर धमकी भी दी गई थी।
सोमवार सुबह पुलिस ने हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे दो शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके बाद शामली पुलिस ने हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ते हुए हत्या की साजिश और शूटरों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा की।
गाने के बोल से क्यों नाराज था गैंग?
शामली के एसपी एनपी सिंह के मुताबिक, अंकित बालियान का यह गाना करीब साढ़े तीन साल पहले रिलीज हुआ था। पुलिस की जांच में सामने आया कि गाने के कुछ बोलों को लेकर गैंग से जुड़े लोगों में नाराजगी थी।
पुलिस के अनुसार, गैंग को शक था कि अंकित विरोधी गुट के संपर्क में है और उनके खिलाफ माहौल बनाने के लिए इस तरह के गाने रिलीज कर रहा है। इसी शक के चलते अंकित को पहले भी धमकाया गया था।
पुलिस का कहना है कि बाद में यही विवाद अंकित की हत्या की साजिश तक पहुंच गया।
गोलू शाहपुरिया ने भेजे थे शूटर
एसपी के मुताबिक, हत्या को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर गोलू शाहपुरिया ने शूटरों को भेजा था। उन्हें निर्देश दिया गया था कि शामली में कुछ स्थानीय लोग उनसे संपर्क करेंगे और उनके साथ मिलकर अंकित बालियान को निशाना बनाना है।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को चार आरोपी अंकित के जिम से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही अंकित बाहर आया, आरोपियों ने उसे घेर लिया और कथित तौर पर चारों तरफ से फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
गैंगवार से जुड़ रहे हत्या के तार
पुलिस ने इस मामले को गैंगवार से भी जोड़कर देखा है। एसपी के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे लोगों के नाम सामने आए जो पहले से ही संगठित अपराध से जुड़े हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गैंग से जुड़े कुछ सदस्य फिलहाल तिहाड़ और करनाल जेल में बंद हैं और उनके बारे में माना जा रहा है कि वे जेल से ही नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। जांच में गोलू शाहपुरिया का नाम भी सामने आया है, जिस पर पुलिस के अनुसार पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं और उस पर इनाम घोषित है।
पुलिस ने यह भी बताया कि गोलू के चचेरे भाई चिराग के कनाडा में होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, चिराग ने सोशल मीडिया के जरिए हत्या की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट भी की थी। इस दावे की जांच पुलिस ने अपने स्तर पर की है।
करनाल से शामली तक CCTV में दिखे शूटर
अंकित हत्याकांड की जांच में CCTV फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुई। पुलिस के मुताबिक, शूटरों के करनाल से शामली आने की गतिविधियां कई CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई थीं।
पुलिस ने करनाल से घटनास्थल तक करीब 15 स्थानों की CCTV फुटेज खंगाली। इन फुटेज में संदिग्ध आरोपी शामली की ओर आते हुए दिखाई दिए। हालांकि, हत्या के बाद वे उसी रास्ते से वापस नहीं गए, जिससे पुलिस को उनके फरार होने के रास्ते का पता लगाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस ने शामली, झिंझाना और बिडौली से लेकर करनाल तक के कैमरों की भी जांच की।
हत्या के बाद अलग-अलग रास्तों से भागे
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद चारों आरोपी दिल्ली रोड की तरफ निकले और बड़ौत-बागपत होते हुए गौरीपुर मोड़ तक पहुंचे। यहां से उन्होंने अलग-अलग रास्ते पकड़ लिए।
दो आरोपी एक बाइक पर सोनीपत की ओर निकल गए, जबकि दो अन्य लोनी की दिशा में चले गए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने मुख्य रास्तों से बचने के लिए कई वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया।
जांच के दौरान सोनीपत इलाके में भी दो संदिग्ध आरोपियों की लोकेशन पुलिस को मिली। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, लोकेशन और गैंग से जुड़े लोगों की गतिविधियों को जोड़कर पूरे हत्याकांड की कड़ियां तलाश रही है।
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस की जांच अब हत्या की साजिश रचने वालों, शूटरों को निर्देश देने वालों और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।



