
बॉक्सानगर, त्रिपुरा: अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तस्करी से जुड़े विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब स्थानीय लोगों और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों के बीच कहासुनी के बाद झड़प हो गई। त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के अशाबाड़ी इलाके में हुई इस घटना में तीन BSF जवानों समेत कई लोग घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने जवानों के हथियार छीनने की कोशिश की और मौके पर मौजूद सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की।
तस्करी के विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह अशाबाड़ी इलाके में तस्करी से जुड़े एक मामले को लेकर स्थानीय लोगों और BSF जवानों के बीच विवाद शुरू हुआ था। यह क्षेत्र अशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट के अंतर्गत आता है, जहां BSF की 49वीं बटालियन तैनात है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान एक BSF जवान ने कथित तौर पर हेफजुर रहमान नाम के व्यक्ति पर लाठी से हमला कर दिया। इसके बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और मौके पर तनाव बढ़ने लगा।
देखते ही देखते लोगों ने बॉक्सानगर-रहीमपुर सड़क पर जाम लगा दिया। इससे इलाके में वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
असिस्टेंट कमांडेंट की गाड़ी में की गई तोड़फोड़
घटना की जानकारी मिलने पर रहीमपुर बॉर्डर आउटपोस्ट के असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वहां मौजूद भीड़ ने उन पर हमला कर दिया और उनके सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की।
इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। मौके पर अतिरिक्त BSF जवान पहुंच गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई।
इस दौरान तीन BSF जवान घायल हो गए। आरोप यह भी है कि हमलावरों ने घायल जवानों से उनके हथियार छीनने की कोशिश की। हालांकि, हथियार छीने जाने की कोशिश में क्या नतीजा निकला, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
असिस्टेंट कमांडेंट समेत कई लोग घायल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार और तीन अन्य लोग घायल हुए। सभी घायलों को शुरुआती इलाज के लिए बॉक्सानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उपचार के बाद वे वहां से रवाना हो गए।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस की ओर से मामले में कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने की कड़ी निंदा
BSF जवानों पर हुए हमले को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना की निंदा करते हुए इसे गंभीर और अस्वीकार्य बताया।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के मुताबिक तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, इस मामले में हथियार छीनने की कोशिश, झड़प की परिस्थितियों और आरोपियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Satya Report Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार सामग्री और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है। घटना से जुड़े आरोपों की जांच जारी है और दोष तय करना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।



