
अटरिया थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक 12 वर्षीय मासूम बालिका को हवस का शिकार बना लिया गया। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश और तनाव का माहौल बना हुआ है। लहूलुहान हालत में तड़प रही पीड़िता को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी अत्यंत गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद फौरन जिला अस्पताल सीतापुर रेफर कर दिया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
दिल को दहला देने वाली यह वारदात अटरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की है। यहां रहने वाली एक मासूम किशोरी गांव के बाहर अपने खेत में बने मढ़हे (झोपड़ी) में बैठकर रखवाली कर रही थी। इसी बीच गांव का ही रहने वाला सतीश मौर्य दरिंदगी के इरादे से वहां पहुंच गया। उसने मासूम को अकेला पाकर जबरन दबोच लिया और घसीटते हुए पास के जंगल में ले गया, जहां उसने किशोरी के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
परिजनों के मुताबिक, इस खौफनाक जुर्म को अंजाम देने के बाद आरोपी ने उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग निकला। दरिंदे के चंगुल से छूटकर मासूम किसी तरह रेंगते हुए वापस अपने मढ़हे तक पहुंची। पीड़िता की बड़ी मां ने जब उसे देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मासूम पूरी तरह खून से लथपथ थी और दर्द से कराह रही थी। परिजनों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत मामले की जानकारी पुलिस को दी।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अटरिया थाना प्रभारी लाल बहादुर मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने बताया कि डायल-112 के जरिए इस वारदात की सूचना मिली थी, जिस पर त्वरित एक्शन लेते हुए पीड़िता को तत्काल इलाज और चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल भिजवाया गया। परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी सतीश मौर्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में संगीन मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपी को पाताल से भी ढूंढ निकालने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, और पुलिस का दावा है कि जल्द ही सलाखों के पीछे भेजकर उसके खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



