Kunwar Basit Ali Statement On Bahraich Dargah Scam: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित ऐतिहासिक दरगाह हजरत सैयद सालार मसूद गाजी में भारी वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय SIT से जांच कराने की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि देश की इस महत्वपूर्ण धार्मिक और वक्फ संस्था में पिछले दो दशकों से वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग और करोड़ों रुपये का गबन किया जा रहा है।

सपा नेता यासिर शाह और करीबियों पर गंभीर आरोप
कुंवर बासित अली ने अपने पत्र में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता यासिर शाह की भूमिका की गहन जांच की मांग की है। आरोप है कि यासिर शाह और उनके परिवार ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर दरगाह के प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में अनुचित हस्तक्षेप किया। इसके अलावा, दरगाह के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत शमशाद अहमद, वर्तमान अध्यक्ष बकाउल्लाह और प्रबंधक अलीुल हक, जो लगभग 40 वर्षों से कार्यरत हैं, के कार्यकाल की भी विस्तृत जांच की मांग की गई है।
2005 की डकैती और करोड़ों के घोटाले का जिक्र
- पत्र में कुछ चौंकाने वाले पुराने मामलों को भी उजागर किया गया है:
- वर्ष 2005 की डकैती: वर्ष 2005 में दरगाह के मालखाने में दिनदहाड़े हुई डकैती की उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग की गई है, जिसमें सोनेचांदी के सिक्के, नकदी और बेशकीमती जेवरात लूटे गए थे। आरोप है कि इस मामले में दोषियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी नहीं की गई।
- 202425 का ठेका घोटाला: पत्र के अनुसार, हाल ही में जिला ने वर्ष 202425 के ठेकों में लगभग 1,02,87,000 रुपये की वित्तीय अनियमितता पकड़ी थी।
- दस्तावेजों में हेराफेरी: यह भी आरोप लगाया गया है कि दरगाह की दुकानों और संपत्तियों को लाखों रुपये के वास्तविक मूल्य के बावजूद अभिलेखों में बहुत कम राशि पर दर्शाया गया है।
राजनीतिक उपयोग और अवैध संपत्तियों की जांच
ने मुख्यमंत्री से यह भी जांच कराने का अनुरोध किया है कि कहीं वक्फ नंबर 19 की आय और संसाधनों का उपयोग समाजवादी पार्टी की चुनावी और राजनीतिक गतिविधियों के लिए तो नहीं किया गया। साथ ही पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों द्वारा अर्जित चलअचल संपत्तियों के स्रोतों और वक्फ की धनराशि से निजी व्यक्तियों के नाम खरीदी गई संपत्तियों की भी जांच कर कार्रवाही की मांग की है।
कुंवर बासित अली ने पत्र के अंत में आग्रह किया है कि वक्फ की बहुमूल्य संपत्तियों की रक्षा और जनता का विश्वास बहाल करने के लिए इन सभी मामलों की समयबद्ध SIT जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाए।



