
रोहतक: शहर के व्यस्त इलाके में कांग्रेस भवन के बाहर बुधवार को एक स्कॉर्पियो गाड़ी में वकील का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान पूर्व पार्षद दीपिका नारा के पति प्रदीप नारा के रूप में हुई है। गाड़ी का नंबर 0001 बताया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की और गाड़ी से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक के सिर पर गोली लगी थी।
कांग्रेस भवन के बाहर खड़ी थी स्कॉर्पियो
पुलिस को बुधवार को एक व्यक्ति के आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो कांग्रेस भवन के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो के अंदर प्रदीप नारा का शव मिला।
पुलिस के मुताबिक, मृतक के सिर की कनपटी पर गोली लगी हुई थी। घटनास्थल से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर भी बरामद किया गया है। इसके बाद फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया और गाड़ी के अंदर तथा आसपास से संभावित साक्ष्य जुटाए गए।
परिजनों ने आत्महत्या की बात से किया इनकार
पुलिस जहां शुरुआती सूचना के आधार पर आत्महत्या के पहलू से जांच कर रही है, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार किया है। परिवार की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है।
परिजनों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि किन परिस्थितियों में प्रदीप नारा की मौत हुई। हालांकि, हत्या के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
CCTV फुटेज और दूसरे साक्ष्यों की जांच
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक टीम ने स्कॉर्पियो और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले स्कॉर्पियो के आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे और घटना के बाद वहां से कौन गया।
इसके अलावा मृतक के मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
महत्वपूर्ण इलाकों के पास हुई घटना
जिस स्थान पर स्कॉर्पियो में शव मिला, उसके आसपास शहर के कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय और पुलिस थाने स्थित हैं। एसपी कार्यालय, सिविल लाइन थाना और महिला पुलिस थाना भी घटनास्थल से कुछ दूरी पर बताए जा रहे हैं।
शहर के बीचोंबीच इस तरह शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए जांच आगे बढ़ाई।
आत्महत्या या हत्या? दोनों पहलुओं से जांच
फिलहाल पुलिस आत्महत्या और हत्या, दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि गोली किन परिस्थितियों में चली और उस समय गाड़ी के आसपास कौन मौजूद था।
पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल फोन, लाइसेंसी रिवॉल्वर और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पोस्टमार्टम और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही प्रदीप नारा की मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।



