भारत जैसे धूप से भरपूर देश में भी बड़ी संख्या में लोग Vitamin D की कमी से जूझ रहे हैं। कई मामले ऐसे देखने को मिल रहे हैं जिसमें लोग धूप में जाते हैं, धूप की गर्माहट महसूस करते हैं, लेकिन फिर भी उनके ब्लड टेस्ट में Vitamin D की कमी निकलती है। ये थोड़ा हैरान करने वाला लगता है। धूप को हमेशा इस विटामिन का सबसे आसान स्रोत माना गया है, फिर भी ब्लड रिपोर्ट में विटामिन डी (Vitamin D) की कमी निकल रही है?

पंजीकृत डॉक्टर दाउद अख्तर जो कई सालों से चिकित्सा क्षेत्र में काम कर रहे हैं ने बताया आजकल बड़ी संख्या में लोग विटामिन D की कमी से जूझ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कई लोग धूप (sunlight) लेते हैं, हेल्दी डाइट भी लेते हैं और सप्लीमेंट्स भी लेते हैं, फिर भी उनका विटामिन D लेवल नहीं बढ़ता। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते है। आइए एक्पर्ट से जानते हैं कि हमारी बॉडी में धूप लेने के बाद भी क्यों विटामिन डी की कमी होती है और हमारी बॉडी इसका ऑब्जार्शन क्यों ठीक से नहीं करती।

धूप लेने के बाद भी बॉडी में विटामिन डी के अवशोषण में कमी

अक्सर हमें लगता है कि बॉडी में विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए सिर्फ धूप में बैठना काफी है, लेकिन कुछ गलतियां है जो धूप लेने के बाद भी हमारी बॉडी में विटामिन डी का अवशोषण नहीं होने देती। डॉक्टर दाऊद ने बताया बॉडी में मैग्नीशियम की कमी की वजह से धूप लेने के बाद भी विटामिन डी की कमी होती है। खासतौर पर जिन लोगों की स्किन डार्क होती है, उनके लिए यह विटामिन बनना और भी मुश्किल हो जाता है, इनडोर लाइफस्टाइल इस समस्या को और तेजी से बढ़ा देता है। सनस्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल,पूरे शरीर को कपड़ों से ढकना,गलत समय पर धूप लेना या डाइट में फैट की कमी, ऐसी कई छोटी गलतियां हैं जो आपके शरीर में विटामिन डी के अवशोषण (Absorption) को रोक सकती हैं।  कुछ बीमारियों जैसे आंत (Gut) की समस्या, लिवर या किडनी की बीमारी और  मोटापा की वजह से Vitamin D फैट में फंस जाता है और धूप लेने के बाद भी बॉडी इस विटामिन को अवशोषित नहीं करती।

विटामिन D के लिए मैग्नीशियम क्यों जरूरी है?

विटामिन D का सिर्फ शरीर में जाना ही काफी नहीं है, उसका सही तरीके से absorption यानी अवशोषण और सक्रिय होना भी बेहद जरूरी होता है। यह प्रक्रिया लीवर और किडनी में होती है और इसमें कई एंजाइम काम करते हैं। ये एंजाइम सही से काम करें, इसके लिए शरीर में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम होना जरूरी है।अगर शरीर में मैग्नीशियम की कमी होगी तो न तो विटामिन D ठीक से अवशोषित होगा और न ही एक्टिव हो पाएगा।

लाइफस्टाइल और डाइट का असर

आजकल के लाइफस्टाइल में लोग ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड,सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, जिनमें जरूरी मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम, आयरन और कैल्शियम बहुत कम होता हैं। यही कारण है कि शरीर में पोषण की कमी बढ़ती जाती है।

कैसे सुधारें स्थिति?

  • अगर आप विटामिन D लेवल को सुधारना चाहते हैं तो सिर्फ धूप या सप्लीमेंट ही काफी नहीं हैं बल्कि डाइट में भी कुछ बदलाव करें।
  • डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।
  • नट्स और सीड्स का सेवन डाइट में बढ़ाएं
  • जंक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें
  • संतुलित और न्यूट्रिशन से भरपूर डाइट लें।
  • सही समय पर धूप लेना भी है जरूरी। Vitamin D का निर्माण सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच होता है इसी समय पर धूप में बैठें।

डिस्क्लेमर:

इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। धूप विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत है, लेकिन इसका अवशोषण (Absorption) हर व्यक्ति के शरीर, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है। बिना डॉक्टरी सलाह या ब्लड टेस्ट (Vitamin D Test) के विटामिन डी के सप्लीमेंट्स या हाई-डोज का सेवन न करें.सत्‍य रिपोर्ट एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है