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देहरादून: iPhone चुराने के बाद चोर: ने मालिक को भेजे मैसेज, बार-बार मांगने लगा पासकोड; जानिए पूरा मामला

देहरादून: iPhone चुराने के बाद चोर: ने मालिक को भेजे मैसेज, बार-बार मांगने लगा पासकोड; जानिए पूरा मामला

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के क्लेमेंट टाउन इलाके में आईफोन चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि फोन चोरी करने के बाद संदिग्ध ने खुद ही मैसेज भेजकर पासकोड मांगना शुरू कर दिया। पासकोड न मिलने पर वह बार-बार एक ही मांग दोहराता रहा। इस घटना से जुड़े मैसेज के स्क्रीनशॉट और सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर साझा किए गए हैं, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया है।

सुबह कमरे से गायब हुआ था iPhone

सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, 12 सितंबर 2026 को पीड़िता के भाई का आईफोन चोरी हो गया था। बताया गया कि सुबह करीब 6:30 बजे तक फोन इस्तेमाल किया गया था, लेकिन सुबह 8:45 बजे तक वह गायब हो चुका था। उस समय कमरे का दरवाजा खुला हुआ था।

परिवार का दावा है कि बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरों में दो संदिग्ध व्यक्ति कमरे की ओर जाते और फिर वहां से लौटते दिखाई दिए। पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि उसी दिन आसपास के इलाकों में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी होने की घटनाएं हुई थीं।

चोरी के बाद मैसेज कर मांगने लगा पासकोड

परिवार के मुताबिक, चोरी की घटना के कुछ दिनों बाद एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए मैसेज आने लगे। इन संदेशों में बार-बार फोन का पासकोड बताने के लिए कहा जा रहा था। मैसेज में कथित तौर पर लिखा था, “पासकोड बोलो फास्ट” और “पासकोड बोलो जल्दी।”

संदिग्ध ने फोन की होम स्क्रीन की तस्वीर भी भेजी, जिसमें पीड़ित के भाई की फोटो वॉलपेपर के रूप में दिखाई दे रही थी। इससे परिवार को लगा कि फोन उसी व्यक्ति के पास है, जो लगातार पासकोड मांग रहा है।

पीड़ित पक्ष की ओर से जब पूछा गया कि फोन उसके पास है या नहीं और उसे परिवार का नंबर कहां से मिला, तो कथित तौर पर पासकोड बताने की मांग ही दोहराई जाती रही। परिवार ने पासकोड साझा नहीं किया।

सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल

इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने हैरानी जताई कि फोन चोरी करने वाला व्यक्ति खुद पीड़ित परिवार से संपर्क कर पासकोड मांग रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने फोन की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि लॉक होने के कारण उसे खोलने में परेशानी हो सकती है।

कुछ यूजर्स ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आई प्रतिक्रियाएं लोगों की व्यक्तिगत राय हैं और उनसे मामले के सभी तथ्यों की पुष्टि नहीं होती।

पीड़िता ने पुलिस पर लगाए कार्रवाई में देरी के आरोप

पीड़िता का कहना है कि चोरी हुए आईफोन की लॉक स्क्रीन पर एक संपर्क नंबर दिखाई दे रहा था, जिसके जरिए संदिग्ध ने परिवार से संपर्क किया होगा। परिवार ने कथित मैसेज के स्क्रीनशॉट, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध की तस्वीर पुलिस को सौंपने का दावा किया है।

युवती के मुताबिक, मैसेज मिलने के बाद वह रात करीब 10 बजे थाने पहुंचीं, लेकिन उन्हें अगली सुबह आने के लिए कहा गया। उन्होंने इलाके में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर भी नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि सबूत उपलब्ध कराने के बावजूद कार्रवाई में देरी हो रही है।

ये आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी को अलग से देखना जरूरी है।

उत्तराखंड पुलिस ने क्या बताया?

सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट पर उत्तराखंड पुलिस की ओर से जवाब दिया गया। पुलिस के अनुसार, क्लेमेंट टाउन, देहरादून निवासी शिकायतकर्ता ने 13 सितंबर 2026 को आईफोन-15 चोरी होने की शिकायत दी थी।

पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता के पास शुरुआत में फोन का IMEI नंबर उपलब्ध नहीं था। कुछ दिन बाद IMEI नंबर मिलने पर मोबाइल को ट्रेस करने के लिए CEIR पोर्टल पर दर्ज किया गया। पुलिस के जवाब के मुताबिक, मामले की जांच फिलहाल जारी है।

अब फोन मिलने का इंतजार

इस घटना ने एक बार फिर मोबाइल चोरी होने के बाद फोन की सुरक्षा और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस फोन को ट्रेस करने की प्रक्रिया में जुटी है। फोन बरामद हुआ है या संदिग्ध की पहचान हुई है, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

डिस्क्लेमर: यह खबर सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामले से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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