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Delhi Airport: एक से दूसरे टर्मिनल जाने में नहीं होगी परेशानी! T1, T2 और T3 को जोडे़ंगी इंटरनल बसें

Satya Report: दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब टर्मिनल बदलने के लिए न तो बाहर निकलना पड़ेगा और न ही ट्रैफिक में फंसकर समय खराब होगा। जुलाई 2026 से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर T1, T2 और T3 के बीच यात्रा करना आसान और तेज हो जाएगा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इंटरनल बस सेवा शुरू करने का फैसला किया है, जिससे यात्रियों को बिना सुरक्षा क्षेत्र से बाहर निकले सीधे एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक पहुंचाया जाएगा। यह कदम दिल्ली एयरपोर्ट को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Delhi Airport: एक से दूसरे टर्मिनल जाने में नहीं होगी परेशानी! T1, T2 और T3 को जोडे़ंगी इंटरनल बसें
Delhi Airport: एक से दूसरे टर्मिनल जाने में नहीं होगी परेशानी! T1, T2 और T3 को जोडे़ंगी इंटरनल बसें

क्या है एयरसाइड ट्रांसफर?

एयरसाइड वह क्षेत्र होता है, जो सुरक्षा जांच के बाद आता है, जहां रनवे, विमान और पार्किंग एरिया होते हैं। अभी तक T1 से T2 या T3 जाने के लिए यात्रियों को बाहर निकलकर DTC बस लेनी पड़ती थी और फिर दोबारा सिक्योरिटी चेक से गुजरना होता था, जिसमें 45 मिनट से 1 घंटे तक लग जाता था। अब नई व्यवस्था के तहत एयरपोर्ट के अंदर ही विशेष बसें चलाई जाएंगी। ये बसें सीमित स्पीड से चलेंगी और एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लेंगी। यह सेवा T1T3 और T1T2 के बीच उपलब्ध होगी।

यात्रियों को क्या होगा फायदा?

इस नई सुविधा से खासतौर पर उन यात्रियों को बड़ा फायदा होगा, जिनकी कनेक्टिंग फ्लाइट्स होती हैं। अब उन्हें बारबार सिक्योरिटी चेक नहीं कराना पड़ेगा और सामान के साथ बाहर जाने की जरूरत भी नहीं होगी। इससे समय बचेगा और फ्लाइट छूटने का डर भी कम होगा। परिवार, बुजुर्ग और बिजनेस ट्रैवलर्स के लिए यह सुविधा काफी राहत देने वाली है।

इंटरनेशनल हब बनने की दिशा में कदम

दिल्ली एयरपोर्ट इस कदम के जरिए दुबई, सिंगापुर और दोहा जैसे बड़े एयरपोर्ट्स की तरह हब एंड स्पोक मॉडल अपनाने की दिशा में बढ़ रहा है। इससे देश और विदेश के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। आपको बता दें कि T1 और T2 घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होते रहेंगे, जबकि T3 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें संचालित होती रहेंगी। भविष्य में T2 की जगह नया टर्मिनल भी बनाया जाएगा।

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