Satya Report: दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस अभियान को और भी गति प्रदान कर रही हैं. सरकार ने पेड़ों से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अधिसूचित कर दी है.

ने इस पहल को दिल्ली की हरियाली की रक्षा और पेड़ संरक्षण कानूनों के सख्त प्रवर्तन की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया है. उन्होंने कहा कि पेड़ संरक्षण कानूनों का उल्लंघन अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा.
कानून को मिली धार, होगी प्रभावी व्यवस्था
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट 1994 की धारा 33 के अंतर्गत यह एसओपी अधिसूचित की गई है. इसके तहत पेड़ों की अवैध कटाई, क्षति पहुंचाने और अनधिकृत गतिविधियों की रोकथाम, पहचान और अभियोजन के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और समयबद्ध तंत्र स्थापित करती है. उन्होंने कहा कि इस एसओपी के लागू होने से कानून उल्लंघन के प्रत्येक मामले में प्रभावी और जवाबदेह कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र से मौके पर तुरंत कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि एसओपी के तहत एक सुदृढ़ त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकेंगे. सभी शिकायतें वास्तविक समय में संबंधित फील्ड अधिकारियों तक प्रेषित की जाएंगी, जिससे तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. मुख्यालय और डिवीजन स्तर पर गठित क्विक रिस्पॉन्स टीमें (क्यूआरटी) निर्धारित समय सीमा में मौके पर पहुंचकर आगे होने वाले नुकसान को रोकेंगी. साथ ही, जियो टैग्ड फोटो और वीडियो के माध्यम से साक्ष्य का वैज्ञानिक संकलन करेंगी.
फील्ड स्तर पर निगरानी और विशेष अधिकार
रेखा गुप्ता ने कहा कि एसओपी के अंतर्गत फील्ड स्तर पर प्रवर्तन को और अधिक सशक्त किया गया है. वन विभाग के अधिकारी, जिनमें बीट ऑफिसर और ट्री ऑफिसर शामिल हैं, को उल्लंघनों को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने, अपराध में प्रयुक्त उपकरणों को जब्त करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने के अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिससे पेड़ संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी.
24 घंटे निगरानी के लिए कंट्रोल रूम
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय स्तर पर फॉरेस्ट कंट्रोल रूम और डिवीजन स्तर पर डिवीजन कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो चौबीसों घंटे कार्य करेंगे. इन कंट्रोल रूम को आवश्यक अवसंरचना से सुसज्जित किया गया है ताकि शिकायतों की निरंतर निगरानी की जा सके और विभिन्न आपात सेवाओं के साथ समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.
ग्रीन हेल्पलाइन व पोर्टल से जन-भागीदारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने ग्रीन हेल्पलाइन नंबर 1800118600 को दोबारा सक्रिय किया है. साथ ही, ग्रीन हेल्पलाइन पोर्टल (https://ghl.eforest.delhi.gov.in) भी है. इन्हें व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका उपयोग कर सकें. ग्रीन हेल्पलाइन पोर्टल पूरी तरह कार्यरत है, जो शिकायत दर्ज करने और उसकी प्रगति की निगरानी के लिए सुलभ मंच प्रदान करता है.
प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप कदम
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण संबंधी विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति के साथ विकास का उनका दृष्टिकोण देश के लिए प्रेरणास्रोत है. हरित भारत और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार भी ठोस कदम उठा रही है. यह एसओपी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है. .



