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Delhi Monsoon 2026: 5 साल में पहली बार जुलाई में दिल्ली पहुंचा मानसून, गर्मी से राहत… मौसम विभाग का अलर्ट

दिल्ली में आखिरकार आज मानसून ने दस्तक दे दी. गुरुवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में मध्यम बारिश देखने को मिली. इस बार मानसून अपने सामान्य समय से 5 दिन की देरी से राजधानी में पहुंचा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि 2021 के बाद यह पहली बार है, जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है. इससे पहले 2021 में मानसून 13 जुलाई को यहां पहुंचा था.

Delhi Monsoon 2026: 5 साल में पहली बार जुलाई में दिल्ली पहुंचा मानसून, गर्मी से राहत… मौसम विभाग का अलर्ट

पिछले 5 वर्षों के आंकड़ें देखें तो दक्षिणपश्चिम मानसून 2025 में 29 जून को, 2024 में 28 जून को, 2023 में 25 जून को और 2022 में 30 जून को राजधानी में प्रवेश किया था.

मौसम विभाग ने दिल्ली के कई हिस्सों में गरजचमक के साथ बारिश का अनुमान जताया है. इस दौरान आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. शुक्रवार, शनिवार और रविवार को भी गरजचमक के साथ बारिश के आसार हैं. पिछले कई दिनों से दिल्लीएनसीआर के लोग उमस और गर्मी से परेशान थे. अब मानसून के पहुंचने के साथ ही आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.

गुरुवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ रुकरुककर बारिश हुई, जिससे दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली. गुरुवार को न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस कम है. वहीं, अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

बाकी राज्यों का हाल

मानसून की बारिश ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है. कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में बारिश से हुई घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो गई. शिमला, मनाली और धर्मशाला समेत कई क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई, जिससे कई सड़कें बंद हो गईं, नदियों का जलस्तर बढ़ गया और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई. शिमला स्थित मौसम विभाग के मुताबिक दो से छह जुलाई के बीच कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

वहीं, उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई. महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एलपी ब्रिज के पास जलभराव वाली सड़क पर बिजली के तार की चपेट में आने से दो लड़कियों को करंट लग गया. हालांकि, वे बालबाल बच गईं और एक बड़ा हादसा टल गया.

इस बारिश ने कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस झेल रहे पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लोगों को राहत पहुंचाई. दक्षिणपश्चिम मानसून उत्तराखंड के सभी हिस्सों में पहुंच गया है.

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में स्थित मचैल माता और मिंधल माता मंदिर की तीर्थयात्रा भारी बारिश और खराब मौसम की वजह से स्थगित कर दी गई.

दक्षिणपश्चिम मानसून के उत्तराखंड में पहुंचने के साथ ही मौसम विभाग ने देहरादून सहित पांच जिलों में कहींकहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है.

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