वास्तु शास्त्र में कुछ पेड़ों को अति शुभ माना गया है, इसलिए इन पेड़ों को काटने से मानसिक तनाव, आर्थिक हानि, सेहत संबंधी समस्याएं और परिवारिक कलह-क्लेश बढ़ सकता है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

Satya Report: हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में कई पेड़-पौधों को शुभ माना जाता है. तुलसी, शमी और मनी प्लांट जैसे पौधे बहुत शुभ माने जाते हैं. ये पौधे घर में सकारात्मक उर्जा और धन का प्रवाह बढ़ाते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पेड़-पौधों को काटना हमारी मजबूरी हो जाती है. वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि पेड़ काटना कोई साधारण काम नहीं है.
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि हर पेड़ का अपना आभामंडल होता है. जब हम नियमों की अनदेखी करते हुए पेड़ काटते हैं, तो वो जगह शोक और नकारात्मक उर्जा से भर जाती है. इसका सबसे ज्यादा प्रभाव घर के मुखिया पर पड़ता है. पीपल, बरगद और गूलर के वृक्ष का विशेष महत्व हिंदू धर्म शास्त्रों और वास्तु शास्त्र में बताया गया है. इसमें देवता और पितर वास करते हैं. .
वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, पीपल, बरगद और गूलर के वृक्ष काटने से घर में भारी वास्तु दोष और पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है. संतान संबंधी परेशानियां आ सकती हैं. अगर इस पेड़ों की शाखाएं दीवारों और तारों के आसपास आ रही हों तो भी इनको कटाने से पहले विधि-विधान से पूजा करने की सलाह दी जाती है. बिना पूजा-पाठ के इन पेड़ों को काटना शुभ नहीं माना जाता.
इन पेड़ों को काटने से पहले इनकी पूजा करें. प्रार्थना करें कि इन पेड़ों में रह रहे सुक्ष्म जीवन अपनी जगह पर चले जाएं. पूजा के बाद ही पेड़ को काटने का काम शुरू करें.


