
सीने या पेट में दर्द होने पर अक्सर लोग इसे गैस या एसिडिटी समझ लेते हैं और तुरंत एंटासिड जैसी दवाएं ले लेते हैं। कई बार इससे राहत भी मिल जाती है, लेकिन अगर दर्द बार-बार हो रहा है या दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं होता, तो इसे केवल एसिडिटी मानना सही नहीं है। कुछ मामलों में पित्त की थैली में बनने वाली पथरी यानी गॉलस्टोन भी ऐसे लक्षणों की वजह हो सकती है।
गॉलस्टोन की समस्या होने पर आमतौर पर पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द कई बार अचानक तेज हो जाता है और कुछ समय तक बना रह सकता है। कुछ लोगों में यह दर्द पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से से शुरू होकर पीठ या कंधे तक भी महसूस हो सकता है।
खाना खाने के बाद बढ़ सकता है दर्द
गॉलस्टोन से होने वाला दर्द खासतौर पर भारी या ज्यादा वसायुक्त खाना खाने के बाद परेशान कर सकता है। इसकी वजह से पेट में भारीपन, मितली या उल्टी जैसी शिकायत भी हो सकती है। ऐसे लक्षणों को कई लोग गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
कब सावधान होना चाहिए?
अगर पेट या सीने में दर्द बार-बार हो रहा है, दर्द काफी तेज है या सामान्य एसिडिटी की दवा से राहत नहीं मिल रही है, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। खासतौर पर दर्द के साथ बुखार, लगातार उल्टी, आंखों या त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हर सीने या पेट का दर्द गॉलस्टोन की वजह से नहीं होता। सीने में दर्द दिल से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अचानक या तेज सीने के दर्द को केवल गैस या एसिडिटी मानकर घर पर इलाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
सही कारण जानने के लिए डॉक्टर लक्षणों के आधार पर जांच की सलाह दे सकते हैं। गॉलस्टोन की पुष्टि के लिए आमतौर पर पेट की इमेजिंग जांच की मदद ली जाती है।



