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पेट में बार-बार दर्द और दस्त को न करें नजरअंदाज, Mesenteric Lymphadenitis का हो सकता है संकेत.

पेट की रहस्यमयी गांठें, अगर पेट में बार बार दर्द, दस्त होना, पेट खराब रहना, बार बार जुकाम -बुखार – खांसी – गले की समस्या रहती है और पेट का अल्ट्रासाउंड कराने पर mesenteric lymphedinitis (पेट में गांठे) आती हैं। आइए जानते इस बीमारी की विस्तृत जानकारी।


लिम्फ़ सिस्टम क्या होती है
शरीर में जिस तरह रक्त के संचरण के लिए नसों का नेटवर्क होता है उसी तरह शरीर में लिम्फ के संचार के लिए लिम्फ सिस्टम होता है। इस सिस्टम में पूरे शरीर में जगह जगह गांठें होती हैं। जिनमें लिम्फ़ इकट्ठा रहता है। इन गांठों को lymph nodes कहते हैं।

पेट में बार-बार दर्द और दस्त को न करें नजरअंदाज, Mesenteric Lymphadenitis का हो सकता है संकेत.

लिम्फ़ क्या होता है
यह एक सफेद गाढ़ा तरल होता है जिसमें शरीर को विभिन्न वायरस, बैक्टीरिया, फंगस से बचाती है। यह एक प्रकार से शरीर के रोग से लड़ने के तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पूरे शरीर में बहता है।

लिम्फ नोड्स क्या होते हैं?
लिम्फ नोड्स शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली (immune system) का हिस्सा होते हैं। ये छोटे-छोटे, बीज के आकार की ग्रंथियाँ होती है जो शरीर मे संक्रमण से लड़ने मे सहायता करती हैं। पेट में जो लिंफ नोड्स होते हैं, उन्हें मेसेंटरिक लिम्फ नोड्स कहा जाता है।

लिम्फ़ नोड्स में सूजन lymphadinitis के कौन कौन से कारण होते हैं

  • घर से बाहर का खाना।
  • अस्वच्छ भोजन।
    •बहुत ठंडा पानी पीना
    •देर से तथा असमय भोजन करना
  • रात को देर तक जागना, नींद की कमी, अत्यधिक चिंता और तनाव
    •एलोपैथिक दवाओं का निरंतर प्रयोग करना
  • वायरल संक्रमण
  • बैक्टेरियल संक्रमण
  • श्वास प्रणाली में संक्रमण
  • टॉन्सिल या गले का संक्रमण

मेसेंटरिक लिम्फैडेनाइटिस –
मेसेंटरिक लिम्फैडेनाइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट में मौजूद लिंफ नोड्स (गाँठें) सूज जाती हैं। यह समस्या अक्सर बच्चों और किशोरों में देखी जाती है, लेकिन कभी-कभी युवाओं को भी हो सकती है।

मेसेंटरिक लिम्फैडेनाइटिस के लक्षण –

  • पेट दर्द,
  • बुखार,
  • उल्टी, जी मचलना,
  • खांसी और गले में खराश होना,
  • दस्त या कब्ज़ का होना

क्या यह कैंसर हो सकता है?
सामान्यतया यह कैंसर नहीं होता है लेकिन इलाज में लापरवाही, बिना चिकित्सक की सलाह के दवाईयां लेना, परहेज नहीं करना, इम्यून सिस्टम का अधिक कमजोर होने से यह कैंसर में बदल सकती हैं।

इसकी जांच कैसे होती है।
इस रोग की जांच सामान्यतया अनुभवी चिकित्सक क्लीनिक में ही कर लेते हैं। आवश्यकता पड़ने पर रोग के निश्चितीकरण के लिए पेट का अल्ट्रासाउंड समुचित होता है। यदि चिकित्सक को किसी अन्य रोग स्थिति का संदेह होता है तो अन्य जांचों की तरफ जाना पड़ता है।

क्या इससे बचाव संभव है?

  • जी हाँ, बच्चों में स्वर्णप्राशन संस्कार द्वारा इससे बचाव संभव है।
  • व्यस्कों में खान-पान सही रखने और नियमित व्यायाम करने से इससे बचाव किया जा सकता है।

क्या यह ठीक हो सकती है?
यह रोग पूरी तरह ठीक हो सकता अगर रोगी समय रहते अनुभवी और योग्य चिकित्सक से सलाह और चिकित्सा ले, चिकित्सक के निर्देशों का पालन करें।

क्या इसमें आपरेशन कराना जरूरी है?
नहीं यह कोई आवश्यक नहीं कि सर्जरी से ही इस रोग का इलाज होता है लेकिन यदि गांठ का साइज एक निश्चित सीमा से अधिक बढ़ जाए तब सर्जरी एक उचित विकल्प हो सकता है।

क्या इसकी चिकित्सा संभव है?

  • जी हाँ,आयुर्वेद क्लिनिक के चिकित्सक इस रोग की चिकित्सा में विशेषज्ञ हैं।
  • समय रहते इलाज शुरू करने से रोग जड़ से समाप्त हो सकता है।
  • आपका स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है

contact.satyareport@gmail.com

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