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अचानक तेज सिरदर्द को: न करें नजरअंदाज, कम उम्र में भी हो सकता है ब्रेन एन्यूरिज्म..

अचानक तेज सिरदर्द को: न करें नजरअंदाज, कम उम्र में भी हो सकता है ब्रेन एन्यूरिज्म..

20 या 30 साल उम्र में तेज सिरदर्द को आमतौर पर लोग सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। अक्सर इसे देर रात तक जागने, काम के तनाव, पानी की कमी या माइग्रेन से जोड़कर देखते हैं। जबकि ये ब्रेन एन्यूरिज्म जैसी खतरनाक कंडीशन हो सकती है। आइये जानते हैं ब्रेन एन्यूरिज्म क्या है और इसके लक्षण कैसे होते हैं।

सितंबर का महीना ब्रेन एन्यूरिज्म जागरूकता के रूप में मनाया जाता है। बहुत कम लोग इस समस्या के बारे में जानते हैं कि ब्रेन एन्यूरिज्म युवाओं को भी प्रभावित कर सकता है। ब्रेन एन्यूरिज्म उस स्थिति को कहते हैं, जब दिमाग तक खून पहुंचाने वाली रक्त वाहिका की दीवार का कमजोर हिस्सा फूलकर गुब्बारे जैसा हो जाता है। कई एन्यूरिज्म का पता नहीं चल पाता, क्योंकि उनमें कोई लक्षण नहीं होते और वो सालों तक बिना बदलाव के रह सकते हैं। लेकिन एन्यूरिज्म फटने पर दिमाग के आसपास ब्लीडिंग हो सकती है, जिसे सबरैक्नॉइड हेमरेज कहा जाता है। यह जानलेवा आपातस्थिति बन सकती है।

डॉक्टर विपुल गुप्ता (डायरेक्टर, न्यूरोइंटरवेंशनल सर्जरी, सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल, मुंबई) कम उम्र के लोगों में ब्रेन एन्यूरिज्म कम होता है, लेकिन यह कम उम्र में भी हो सकता है और लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के रह सकता है। कई मामलों में इसका पहला संकेत अचानक एन्यूरिज्म का फटना और मस्तिष्क में रक्तस्राव हो सकता है।

ब्रेन एन्यूरिज्म के लक्षण

ब्रेन एन्यूरिज्म के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। एन्यूरिज्म फटने पर आमतौर पर अचानक बेहद तेज सिरदर्द होता है, जो कुछ सेकंड या मिनटों में अपनी चरम तीव्रता तक पहुंच जाता है। इसके साथ उल्टी, गर्दन में अकड़न, बेहोशी, दौरे, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, बोलने में परेशानी, देखने से जुड़ी समस्या या भ्रम जैसी स्थिति भी हो सकती है।

कुछ मामलों में एन्यूरिज्म फटने से पहले भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। खासकर जब एन्यूरिज्म बड़ा होकर आसपास की नसों पर दबाव डालने लगे। ऐसे में आंख के आसपास लगातार दर्द, दोहरा दिखाई देने लगता है, पलक का झुकना या आंखों की रोशनी और आंखों की गतिविधियों में अचानक बदलाव हो सकता है। इन लक्षणों को कई बार माइग्रेन, आंखों की थकान या लंबे समय तक स्क्रीन देखने से जोड़ दिया जाता है। लेकिन अचानक या असामान्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

उम्र के साथ अन्य जोखिम कारक

ब्रेन एन्यूरिज्म के खतरे को सिर्फ उम्र से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। परिवार में किसी करीबी सदस्य को ब्रेन एन्यूरिज्म रहा हो, कुछ आनुवंशिक बीमारियां, हाई ब्लड प्रेशर और तंबाकू का सेवन जोखिम बढ़ा सकते हैं। जिन लोगों के परिवार में ब्रेन एन्यूरिज्म का इतिहास रहा है, उन्हें डॉक्टर से इसके बारे सलाह लेनी चाहिए। युवाओं को भी नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच, शारीरिक गतिविधि बनाए रखने और तंबाकू से दूर रहने की आदत डालनी चाहिए।

जांच से स्थिति का समय पर पता लगाया जा सकता है

ब्रेन एन्यूरिज्म की आशंका होने पर सीटी एंजियोग्राफी या एमआर एंजियोग्राफी के जरिए इसकी पहचान और जांच की जा सकती है। कुछ मामलों में और अधिक जानकारी के लिए डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) की जरूरत पड़ सकती है। यदि एन्यूरिज्म का पता चलता है तो उसके आकार, स्थान और बनावट के साथ मरीज की उम्र, फैमिली हिस्ट्री और स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है।

कम उम्र के मरीजों में इसकी जांच इसलिए भी जरूरी है क्योंकि उन्हें लंबे समय तक इस स्थिति के साथ रहना पड़ सकता है। कुछ एन्यूरिज्म की नियमित इमेजिंग के जरिए निगरानी की जा सकती है, जबकि कुछ मामलों में फटने या दोबारा ब्लीडिंग के खतरे को कम करने के लिए इलाज जरूरी हो सकता है।

एन्यूरिज्म की जगह और उसकी स्थिति के आधार पर उपचार में एंडोवैस्कुलर प्रक्रिया या सर्जिकल क्लिपिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। एंडोवैस्कुलर ट्रीटमेंट में रक्त वाहिकाओं के रास्ते दिमाग पहुंचकर एन्यूरिज्म का उपचार किया जाता है।

हर सिरदर्द को ब्रेन स्कैन की जरूरत नहीं

जागरूकता का मतलब यह नहीं है कि हर सिरदर्द में ब्रेन स्कैन कराया जाए या युवाओं में अनावश्यक डर पैदा हो। जरूरी यह है कि व्यक्ति उन लक्षणों को पहचाने जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और यह समझे कि किन परिस्थितियों में जोखिम बढ़ सकता है। ब्रेन एन्यूरिज्म युवाओं में अपेक्षाकृत कम हो सकता है, लेकिन केवल उम्र के आधार पर इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता, खासकर जब लक्षण अचानक, गंभीर या असामान्य हों। इसलिए चेतावनी संकेतों को समझें, परिवार में बीमारी के इतिहास की जानकारी रखें और अचानक तेज या असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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