DharamIndia

Raksha Bandhan 2026 पर भाई को न बांधें ये 4 तरह की Rakhi, जानें Shubh Muhurat और Vastu के जरूरी नियम

रक्षाबंधन त्योहार हिंदू धर्म में बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। सावन की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन पर्व को प्रेम और उत्साह के साथ मनाते हैं। बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और तरक्की की कामना करती हैं। साथ ही भाई भी अपने बहन की रक्षा का वचन देते हैं। यह पर्व भाईबहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है।
इस समय बाजार राखी से सजा हुआ है। जब राखी की खरीदें, कुछ चीजों का ध्यान रखना बेहद जरुरी होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भाई की कलाई पर बांधी जाने वाली राख एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। 
इसलिए जब आप राखी खरीदने जाएं, तो वास्तु नियमों का ध्यान जरुर रखें। कुछ राखियों को बांधने से बचना बेहद जरुरी है।  आइए आपको बताते हैं किस तरह की राखियों को कभी नहीं बांधना चाहिए।
रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 
इस बार राखी का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5:57 बजे से सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। 
लाभउन्नति मुहूर्त सुबह 7:33 बजे से सुबह 9:10 बजे तक
अमृतसर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 9:10 बजे से सुबह 10:46 बजे तक
किन राखियों के खरीदने से बचना चाहिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान की तस्वीर वाली राखी भाई को कभी नहीं बांधनी चाहिए। माना जाता है कि हाथ में इस तरह की राखी बांधना सही नहीं होता है।
एविल आई वाली राखी
रक्षाबंधन पर एविल आई यानी नजर से जुड़ी राखी को बांधने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तरह की राखी नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती है। रक्षाबंधन पर सकारात्मक प्रतीकों वाली राखी को खरीदने से बचना चाहिए।
काले रंग की राखी
कभी भी अपने भाई के कलाई पर काले रंग की राखी नहीं बांधनी चाहिए। क्योंकि शुभ अवसरों पर काले रंग को  उचित नहीं माना जाता है। जब आप राखी खरीदें तो लाल, पीले, केसरिया जैसे शुभ रंगों वाली राखी को खरीदें।
प्लास्टिक की राखी
ज्योतिषी के अनुसार, प्लास्टिक को राहु ग्रह से संबंधित माना जाता है। ऐसे में रक्षा बंधन जैसे शुभ दिन पर राखी खरीदने से बचना चाहिए। इसलिए रेशम के धागे से बनी पारंपरिक राखी का चयन कर सकते हैं। यह भाईबहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply