
डालडा और ट्रांस फैट से बढ़ सकता है हार्ट डिजीज का खतरा
दिल को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ एक्सरसाइज ही नहीं, बल्कि सही खानपान भी बेहद जरूरी है। कई लोग आज भी वनस्पति घी (डालडा) से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें मौजूद ट्रांस फैट (Trans Fat) दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है?
डाइटीशियन के अनुसार, ट्रांस फैट का अधिक सेवन हृदय रोग, खराब कोलेस्ट्रॉल और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए रोजमर्रा के भोजन में इसकी मात्रा कम रखना जरूरी है।
ट्रांस फैट क्या होता है?
ट्रांस फैट एक प्रकार की अस्वस्थ वसा (Unhealthy Fat) है, जो मुख्य रूप से वनस्पति तेल को हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया से ठोस रूप यानी वनस्पति घी (डालडा) में बदलने पर बनती है।
हालांकि दूध और मांस जैसे कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से भी थोड़ी मात्रा में ट्रांस फैट पाया जाता है, लेकिन कृत्रिम (Artificial) ट्रांस फैट को स्वास्थ्य के लिए अधिक हानिकारक माना जाता है।
WHO क्या कहता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार—
- यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 2000 कैलोरी का भोजन करता है, तो उसके आहार में 2 ग्राम से कम ट्रांस फैट होना चाहिए।
- ट्रांस फैट की मात्रा कुल दैनिक कैलोरी के 1 प्रतिशत से भी कम रखने की सलाह दी जाती है।
- जितना कम ट्रांस फैट का सेवन किया जाएगा, दिल की सेहत के लिए उतना ही बेहतर होगा।
ट्रांस फैट दिल पर कैसे असर डालता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक ट्रांस फैट का सेवन—
- खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ा सकता है।
- अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम कर सकता है।
- हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है।
- रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।
- लंबे समय में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकता है।
किन चीजों में ज्यादा होता है ट्रांस फैट?
ट्रांस फैट अक्सर इन खाद्य पदार्थों में पाया जा सकता है—
- वनस्पति घी (डालडा)
- बेकरी प्रोडक्ट्स
- पफ, पेस्ट्री और कुकीज़
- नमकीन और पैकेज्ड स्नैक्स
- बार-बार गर्म किए गए तेल में तले खाद्य पदार्थ
- कुछ फास्ट फूड और स्ट्रीट फूड
पैकेट खरीदते समय क्या देखें?
यदि आप पैकेज्ड फूड खरीद रहे हैं, तो सबसे पहले उसका Nutrition Label और Ingredients List जरूर पढ़ें।
ध्यान रखें—
- ट्रांस फैट की मात्रा जितनी कम हो, उतना बेहतर।
- यदि सामग्री (Ingredients) में Hydrogenated Vegetable Oil, Partially Hydrogenated Oil या Vanaspati लिखा हो, तो ऐसे उत्पादों का सेवन सीमित करें।
- केवल “0% Trans Fat” लिखे होने पर भरोसा न करें, सामग्री सूची भी अवश्य जांचें।
तेल का दोबारा इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए?
एक ही तेल को बार-बार गर्म करने से उसकी गुणवत्ता खराब हो सकती है और हानिकारक यौगिक बनने लगते हैं।
ऐसे तेल की पहचान—
- तेल का रंग गहरा हो जाना।
- तेल का गाढ़ा या चिपचिपा होना।
- बार-बार झाग बनना।
- लगातार धुआं निकलना।
ऐसे तेल में बना भोजन खाने से बचना चाहिए।
घर में रखें ये सावधानियां
- वनस्पति घी के बजाय स्वस्थ तेलों का सीमित मात्रा में उपयोग करें।
- तली हुई चीजें कम खाएं।
- एक बार इस्तेमाल किए गए तेल को बार-बार गर्म न करें।
- पैकेज्ड फूड खरीदते समय लेबल पढ़ने की आदत डालें।
- ताजे और घर के बने भोजन को प्राथमिकता दें।
निष्कर्ष
दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए ट्रांस फैट का सेवन जितना संभव हो कम करना चाहिए। वनस्पति घी (डालडा), बार-बार गर्म किए गए तेल और अत्यधिक तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली बेहतर हृदय स्वास्थ्य की कुंजी है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी बीमारी, आहार या उपचार से जुड़ा निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह अवश्य लें।



