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जिंदगी की जंग हार गईं डॉक्टर प्रियंका: नशे में धुत कार सवारों ने मारी थी टक्कर, ब्रेन डेड होने के बाद तोड़ा दम

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी की होनहार मेडिकल छात्रा प्रियंका की आखिरकार जिंदगी और मौत से लड़ते हुए सांसें थम गईं. 3 अगस्त की रात नशे में धुत दो कार सवारों द्वारा रौंदे जाने के बाद से प्रियंका सिकंदराबाद के केआईएमएस अस्पताल में वेंटिलेटर पर थीं. डॉक्टरों द्वारा ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद रविवार तड़के 3:22 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे आंध्र प्रदेश में गम और गुस्से की लहर दौड़ गई है.

जिंदगी की जंग हार गईं डॉक्टर प्रियंका: नशे में धुत कार सवारों ने मारी थी टक्कर, ब्रेन डेड होने के बाद तोड़ा दम

जानकारी के मुताबिक, 3 अगस्त की रात प्रियंका अपनी सहेली के साथ राजमुंदरी स्थित प्रसाद आदित्य मॉल से फिल्म देखकर बाहर निकली थीं. मॉल से निकलकर वे सड़क पर ट्रैफिक होने के कारण अपनी स्कूटी रोककर खड़ी थीं. इसी दौरान पीछे से आ रही एक अनियंत्रित और अत्यधिक तेज रफ्तार कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी.

हादसा इतना वीभत्स था कि कार का टायर प्रियंका की गर्दन पर चढ़ गया. गंभीर रूप से घायल प्रियंका को पहले राजमुंदरी के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित केआईएमएस अस्पताल में शिफ्ट किया गया. डॉक्टरों ने प्रियंका का एपनिया टेस्ट करने का प्रयास किया, लेकिन सोडियम का स्तर 16 से कम होने के कारण उनका शरीर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था. आखिरकार डॉक्टरों को उन्हें ब्रेन डेड घोषित करना पड़ा.

पिता का आक्रोश: “यह हादसा नहीं, सोचीसमझी हत्या है”

प्रियंका के पिता वेंकटेश ने राजमुंदरी पुलिस स्टेशन पहुंचकर डीएसपी देवराज और सुभाष से मुलाकात की. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यह कोई साधारण एक्सीडेंट नहीं बल्कि सीधी हत्या है. शराब के नशे में गाड़ियों से लोगों की जान लेने वाले दरिंदों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने पुलिस से मामले में सख्त से सख्त धाराएं लगाने की मांग की.

आरोपियों पर अब दर्ज होगा हत्या का मुकदमा

पूर्वी गोदावरी जिले के एसपी किशोर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कार चला रहे दोनों आरोपी नामावरम निवासी सुरावरापु दुष्यंत और लालाचेरुवु निवासी एंड्रयू विलियम जोसेफ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

शुरुआत में पुलिस ने केवल तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की धाराएं लगाई थीं, लेकिन जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 और 110 जोड़ी गई थीं. अब प्रियंका के निधन के बाद इस केस को हत्या के मामले में बदला जा रहा है. दोनों आरोपी फिलहाल 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं.

मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने जताया गहरा दुख

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, “प्रियंका का इस तरह दुनिया से जाना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है. आरोपी जेल में हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले. हम पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं.” गृह मंत्री वी. अनीता ने परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि नशे में धुत होकर किसी मासूम की जान लेने वाले अपराधियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और परिवार को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी.

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