
लंदन: लगातार खांसी और बार-बार सीने में संक्रमण की समस्या से परेशान 72 साल के एक बुजुर्ग जब इलाज के लिए डॉक्टरों के पास पहुंचे, तो शुरुआती जांच में उनके फेफड़े में ट्यूमर होने की आशंका जताई गई। डॉक्टर भी इस मामले को गंभीर मानकर आगे की जांच में जुट गए, लेकिन जब सांस की नली के अंदर की सच्चाई सामने आई तो सभी हैरान रह गए। जिस गांठ को ट्यूमर समझा जा रहा था, उसके अंदर एक इंसान का दांत फंसा हुआ था।
इस असामान्य मेडिकल मामले की जानकारी ‘द इजिप्शियन जर्नल ऑफ ब्रोंकोलॉजी’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई है। जांच के दौरान पता चला कि यह दांत करीब तीन साल से बुजुर्ग की सांस की नली में फंसा हुआ था।
सीटी स्कैन में दिखाई दिया था ब्लॉकेज
बुजुर्ग को लंबे समय से बलगम वाली खांसी आ रही थी। इसके अलावा उन्हें बार-बार सांस की नली और सीने में संक्रमण की परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों ने जब उनका सीटी स्कैन कराया, तो दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से की सांस की नली में रुकावट दिखाई दी। उस जगह सूजन भी मौजूद थी।
इसके बाद डॉक्टरों ने ब्रोंकोस्कोपी यानी विशेष कैमरे की मदद से सांस की नली के अंदर जांच की। इस दौरान उन्हें वहां लाल रंग की सूजी हुई गांठ दिखाई दी। इसकी बनावट देखकर डॉक्टरों को दुर्लभ ट्यूमर होने की आशंका हुई।
गांठ हटाई तो अंदर मिला सफेद और सख्त टुकड़ा
डॉक्टरों ने गांठ जैसी दिखाई दे रही सूजन को हटाने और अंदर की स्थिति समझने के लिए प्रक्रिया शुरू की। जब प्रभावित हिस्से की सफाई की गई, तो उसके अंदर एक सख्त और सफेद वस्तु दिखाई दी।
बारीकी से जांच करने पर पता चला कि वह कोई ट्यूमर नहीं, बल्कि इंसान का दांत था। यह दांत सांस की नली के भीतर गहराई में फंसा हुआ था। लंबे समय तक वहां मौजूद रहने के कारण उसके आसपास सूजन और संक्रमण जैसी समस्या पैदा हो गई थी।
तीन साल पहले बेहोश हुए थे बुजुर्ग
दांत मिलने के बाद डॉक्टरों ने बुजुर्ग से उनकी पुरानी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी ली। तब सामने आया कि करीब तीन साल पहले वह किसी वजह से बेहोश हो गए थे। उसी दौरान उनका एक दांत टूट गया था।
संभावना है कि बेहोशी के दौरान टूटा हुआ दांत सांस के रास्ते अंदर चला गया और फेफड़े की नली में जाकर फंस गया। उस समय इसका पता नहीं चल पाया था। इसके बाद लंबे समय तक दांत वहीं मौजूद रहा और धीरे-धीरे उस हिस्से में जलन, सूजन तथा बार-बार संक्रमण की समस्या होने लगी।
दांत निकलने के बाद सुधरी बुजुर्ग की हालत
रिपोर्ट के मुताबिक, दांत को बाहर निकालने के बाद बुजुर्ग की सेहत में तेजी से सुधार हुआ। उनकी लगातार बनी रहने वाली खांसी और संक्रमण की समस्या में राहत मिली।
डॉक्टरों के लिए यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि सांस के रास्ते शरीर में पहुंची कोई बाहरी वस्तु कई बार लंबे समय तक पहचान में नहीं आती। उसके आसपास सूजन और ऊतक में बदलाव होने से वह गांठ या ट्यूमर जैसी दिखाई दे सकती है।
यह मामला बताता है कि लंबे समय तक खांसी, बार-बार संक्रमण या सांस लेने में परेशानी होने पर केवल शुरुआती लक्षणों के आधार पर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। सही कारण जानने के लिए जरूरी जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह स्वास्थ्य संबंधी खबर प्रकाशित मेडिकल रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। किसी भी तरह की लगातार खांसी या सांस संबंधी परेशानी होने पर योग्य चिकित्सक से सलाह लें।



