
हरदोई, अमृत विचार : पति की तेरहवीं के 21 वें दिन घर में सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन की तैयारियों के बीच पत्नी के पैर फिसलने से वह छत से नीचे गिर पड़ी,उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया,जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अचानक हुए हादसे से घर में कोहराम बरपा हो गया।
बताया गया है कि हरपालपुर थाने के बांसी गांव निवासी दिनेश की 65 वर्षीय पत्नी शकुंतला देवी उर्फ शीतल शुक्रवार की सुबह छत पर सूख रहे कपड़े उठाने गई,वहीं पैर फिसलने से वह नीचे गिर पड़ी,उसके सिर में गहरी चोंट पहुंचने से वह बेहोश हो गई। घर वाले उसे उठा कर मेडिकल कालेज ले आए,जहां डाक्टरो़ ने भर्ती कर इलाज शुरु कर दिया,लेकिन उसी बीच उसकी मौत हो गई। बताते है कि 25 जुलाई को पति दिनेश की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। तेरहवीं हो चुकी थी। शुक्रवार को घर में सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन की तैयारियां हो रहीं थी। शकुंतला देवी उर्फ शीतल के पांच बेटे और दो बेटियां है। बेटे तेजपाल ने बताया कि सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन की तैयारियों के बीच वह अपनी मां को गंगा स्नान कराने के लिए ले जाने वाला था,उसी दौरान उसकी मां छत से कपड़े उठाने गई और वहीं से नीचे गिर पड़ी। घर वाले आपसी रज़ामंदी के चलते शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर उसे गांव लिए गए।
पलक झपकी और मातम में बदल गईं खुशियां!
बांसी गांव के तेजपाल ने बताया कि पिता की मौत के बाद उसके घर खुशियों की सुबह हुई,हर कोई सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन की तैयारी में लगा हुआ था,किसी को पता ही नहीं चला कि कब उसकी मां छत पर गई,लेकिन उसी बीच ऊपर से गिरने की आवाज़ से कलेजा हिल गया,देखा तो उसकी खून से लथपथ उसकी मां ज़मीन पर बेहोश पड़ी थी। तेजपाल के मुताबिक पलक झपकते ही उसके घर की सारी खुशियां मौत के मातम में बदल गईं।



