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​​​सर्दियों में पैग लगाने से ठंड भागती नहीं, बढ़ सकता है जान का खतरा! जानिए शराब पीने पर शरीर में क्या होता है

​​​सर्दियों में पैग लगाने से ठंड भागती नहीं, बढ़ सकता है जान का खतरा! जानिए शराब पीने पर शरीर में क्या होता है

सर्दियों में शराब पीने से शरीर गर्म रहता है या अंदरूनी तापमान घटने लगता है? ठंड के मौसम में अक्सर कहा जाता है कि शराब का एक पैग शरीर को गर्म कर देता है। शराब पीने के बाद चेहरा लाल होना और त्वचा पर गर्माहट महसूस होना इस धारणा को और मजबूत करता है। लेकिन यह गर्माहट असल में शरीर के गर्म होने का संकेत नहीं है। इसके उलट, ठंड में शराब पीने से शरीर की गर्मी तेजी से बाहर निकल सकती है और हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ सकता है।

शराब पीने के बाद गर्मी क्यों महसूस होती है?

शराब पीने के बाद त्वचा के पास मौजूद रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं। इससे त्वचा तक ज्यादा गर्म खून पहुंचता है और चेहरे, हाथों या शरीर के दूसरे हिस्सों में गर्माहट महसूस होने लगती है। इसी वजह से कई लोगों को लगता है कि शराब ठंड से बचा रही है।

लेकिन हकीकत इससे अलग है। रक्त वाहिकाएं फैलने के कारण शरीर की गर्मी त्वचा के रास्ते बाहर निकलने लगती है। यानी बाहर से गर्म महसूस होने के बावजूद शरीर का अंदरूनी तापमान गिर सकता है।

शरीर का तापमान गिरने पर क्या होता है?

आमतौर पर शरीर का सामान्य तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, हालांकि इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। जब शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, तो इसे हाइपोथर्मिया कहा जाता है। यह गंभीर और जानलेवा स्थिति हो सकती है।

शराब पीने के बाद ठंड में लंबे समय तक बाहर रहने या सो जाने पर शरीर के लिए अपनी गर्मी बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। नशे की वजह से व्यक्ति खतरे को ठीक से समझ नहीं पाता और समय पर सुरक्षित जगह जाने का फैसला भी नहीं कर पाता।

ठंड में कांपने का एहसास भी हो सकता है कम

ठंड लगने पर शरीर कांपकर गर्मी पैदा करने की कोशिश करता है। यह शरीर का प्राकृतिक बचाव तंत्र है। शराब दिमाग के उन हिस्सों के कामकाज को प्रभावित करती है, जो शरीर का तापमान नियंत्रित करने और परिस्थितियों का आकलन करने में मदद करते हैं।

इससे व्यक्ति को ठंड का सही अंदाजा नहीं रह सकता। उसे गर्माहट महसूस हो सकती है, जबकि उसका शरीर लगातार गर्मी खो रहा हो। यही कारण है कि शराब पीकर ठंडे मौसम में बाहर रहना जोखिम भरा हो सकता है।

पहाड़ों और बर्फीले इलाकों में शराब पीना क्यों खतरनाक है?

यह धारणा काफी पुरानी है कि शराब पीने से बर्फीले इलाकों में ठंड से राहत मिलती है। लेकिन शराब शरीर को ठंड से बचाने का सुरक्षित तरीका नहीं है। खासकर खुले आसमान के नीचे, छत पर, ठंडे कमरे में या देर रात यात्रा के दौरान शराब पीने से जोखिम बढ़ सकता है।

बुजुर्गों, कम वजन वाले लोगों और ऐसे व्यक्तियों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए, जिन्हें ठंड में शरीर का तापमान बनाए रखने में परेशानी हो सकती है।

शराब के दूसरे नुकसान भी समझें

शराब के सेवन से फैसले लेने की क्षमता और शरीर का संतुलन प्रभावित हो सकता है। इससे फिसलने, गिरने और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। अधिक शराब पीने से पेशाब की मात्रा भी बढ़ सकती है, जिससे शरीर में पानी की कमी होने की आशंका रहती है।

इसके अलावा, शराब नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। ठंड के मौसम में शराब पीकर सो जाना खास तौर पर जोखिमपूर्ण है, क्योंकि व्यक्ति को ठंड का पता देर से चल सकता है और वह समय पर अपनी स्थिति नहीं बदल पाता।

ठंड लगने पर क्या करना चाहिए?

अगर किसी व्यक्ति को बहुत ठंड लग रही हो, वह लगातार कांप रहा हो, असामान्य रूप से सुस्त हो, भ्रमित दिखाई दे या उसकी बोलने और चलने की क्षमता प्रभावित हो रही हो, तो हाइपोथर्मिया की आशंका हो सकती है।

ऐसी स्थिति में:

  • व्यक्ति को जल्द से जल्द गर्म और सुरक्षित जगह पर ले जाएं।
  • गीले कपड़े हटाकर सूखे कपड़े और कंबल से शरीर को गर्म रखें।
  • उसे शराब न दें और न ही शरीर को अचानक बहुत गर्म करने की कोशिश करें।
  • गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

निष्कर्ष: सर्दियों में शराब पीने से गर्माहट का एहसास जरूर हो सकता है, लेकिन यह शरीर को ठंड से सुरक्षित रखने का तरीका नहीं है। शराब शरीर की गर्मी बाहर निकलने की प्रक्रिया तेज कर सकती है और ठंड से होने वाले खतरे को पहचानना मुश्किल बना सकती है।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए तैयार किया गया है। शराब का असर व्यक्ति की स्थिति, सेवन की मात्रा और वातावरण के अनुसार अलग हो सकता है। किसी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

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