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रात 9 से 10 बजे के बीच कार चलाना ‘रिस्की’, रिपोर्ट में दावा- पुरुषों से बेहतर गाड़ी चलाती हैं महिलाएं

आए दिन, सड़क पर बहुत से एक्सीडेंट होते हैं जिसमें लोग गंभीर रूप से घायल तो कुछ लोगों को जान तक गंवानी पड़ती है. इस बात को समझने के लिए कि भारतीय सड़कों पर ड्राइव करना कब सबसे ज्यादा रिस्की है और कब सबसे ज्यादा सेफ है? Zuno General Insurance ने एक स्टडी की है जिसका नाम है India Road Safety Report 2026. इस स्टडी में पता चला है कि अगर आप भारत में रात 9 बजे से 10 बजे के बीच गाड़ी चलाते हैं, तो आप दिन के सबसे खतरनाक समय में गाड़ी चला रहे होते हैं.

रात 9 से 10 बजे के बीच कार चलाना ‘रिस्की’, रिपोर्ट में दावा- पुरुषों से बेहतर गाड़ी चलाती हैं महिलाएं

ड्राइविंग करने के लिए कौन सा समय सबसे ज्यादा सेफ

स्टडी में ये भी बताया गया है कि रात 8 बजे के बाद ड्राइविंग स्कोर में काफी गिरावट आती है, जिससे देर शाम की ड्राइविंग दोपहर की ड्राइविंग की तुलना में कहीं ज्यादा जोखिम भरी हो जाती है. इसके उलट, सड़क पर चलाने का सबसे सुरक्षित समय दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच है. ज़ूनो स्मार्टड्राइव ऐप से मिले टेलीमेट्री डेटा के आधार पर, इस रिपोर्ट में 17 राज्यों में 45 लाख ट्रिप और 5.5 करोड़ किलोमीटर की ड्राइविंग के डेटा का विश्लेषण किया गया है.

इस स्टडी के नतीजे एक बात साफ करते हैं सड़क पर होने वाले जोखिम का सीधा संबंध हमारे ड्राइविंग के तरीके से है, न कि सिर्फ डेमोग्राफिक डेटा से. असल में, देश में सड़क दुर्घटनाओं में से 80 फीसदी से ज्यादा दुर्घटनाओं के लिए ड्राइविंग से जुड़े व्यवहार ही जिम्मेदार होते हैं.

पुरुष बनाम महिला: किसका ड्राइविंग स्कोर है ज्यादा?

एक पुरानी धारणा को गलत साबित करते हुए, टेलीमेट्री डेटा से पता चलता है कि सुरक्षित ड्राइविंग के मामले में पुरुषों और महिलाओं के बीच लगभग कोई अंतर नहीं है. महिलाओं का औसत ड्राइविंग स्कोर 92.86 रहा, जबकि पुरुष 92.43 के स्कोर के साथ उनके ठीक पीछे रहे.

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