BusinessIndia

चीन की नई चालबाजी पर सरकार सख्त, खेती में इस्तेमाल होने वाली इस दवा पर कसा शिकंजा

भारतीय बाजारों में अपना सस्ता माल खपाकर घरेलू उद्योगों को बर्बाद करने की चीनी चालाकी पर सरकार ने करारा प्रहार किया है. भारत सरकार ने चीन से आने वाले एक अहम खरपतवार नाशक ‘ग्लूफ़ोसिनेट’ के आयात पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है. दरअसल, आशंका जताई जा रही है कि चीनी निर्यातक सस्ते आयात पर लगने वाले टैक्स से बचने के लिए अपनी कीमतों में हेरफेर कर रहे हैं. इस खबर का सीधा असर हमारे घरेलू उद्योग पर पड़ता है, क्योंकि जब बाहर से जरूरत से ज्यादा सस्ता माल आता है, तो स्थानीय कंपनियों का कारोबार ठप होने लगता है. इसी को रोकने के लिए राजस्व विभाग ने कस्टम अधिकारियों को तुरंत अलर्ट कर दिया है.

चीन की नई चालबाजी पर सरकार सख्त, खेती में इस्तेमाल होने वाली इस दवा पर कसा शिकंजा

चीन के डंपिंग वाले खेल पर एक्शन

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज ने इस पूरे मामले की शुरुआती जांच की है. इस जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है. पता चला है कि चीनी एक्सपोर्टर भारतीय बाजार में अपना कब्जा बनाए रखने के लिए एंटीडंपिंग ड्यूटी के असर को ही खत्म करने में लगे हुए हैं. इसके लिए उन्होंने चालाकी दिखाते हुए अपनी निर्यात कीमतों को काफी घटा दिया है. कारोबारी भाषा में इसे ‘डंपिंग’ कहा जाता है. सरकार ने इस चाल को भांप लिया है. अब सीमा शुल्क अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस केमिकल के आयात का अस्थायी मूल्यांकन करें.

कस्टम जांच के साथ देनी होगी गारंटी

इस नए फैसले का सीधा असर चीन से यह केमिकल मंगाने वाले भारतीय आयातकों पर पड़ेगा. अब देश में इस दवा को मंगाने वालों को केवल पुरानी एंटीडंपिंग ड्यूटी देकर ही छुटकारा नहीं मिलेगा. सरकार ने नियम कड़े करते हुए कहा है कि आयातकों को एक फाइनेंशियल गारंटी भी जमा करानी होगी. इसके पीछे का मकसद बिल्कुल साफ है. अगर आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद ड्यूटी की रकम बढ़ाई जाती है, तो उस बढ़ी हुई रकम की भरपाई इसी गारंटी के जरिए की जा सकेगी. इससे घरेलू कंपनियों को चीन के सस्ते माल से सुरक्षा मिलेगी.

कमर्शियल खेती में इस दवा का रोल

जिस ‘ग्लूफ़ोसिनेट’ दवा पर यह पूरा विवाद चल रहा है, वह असल में एक बेहद ताकतवर हर्बिसाइड है. हमारे देश में बड़े पैमाने पर होने वाली कमर्शियल खेती में इसका जमकर इस्तेमाल होता है. खासकर मक्का, सोयाबीन, कपास के साथसाथ कैनोला जैसी नकदी फसलों में इसका उपयोग किया जाता है. जब खेतों में मुख्य फसल के साथ अनचाही घासफूस या खरपतवार उग आती है, तो यह दवा उसे नष्ट कर देती है. सबसे खास बात यह है कि इसके इस्तेमाल से मुख्य फसल को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचता है.

विदेशी व्यापार से जुड़े दो अन्य अहम फैसले

सरकार ने केवल चीन ही नहीं, बल्कि विदेशी व्यापार मोर्चे पर घरेलू उत्पादकों को बचाने के लिए कुछ अन्य कदम भी उठाए हैं. अमेरिका, मलेशिया के साथ दक्षिण अफ्रीका से आने वाले ‘ब्यूटाइल अल्कोहल’ पर भी शिकंजा कसा गया है. सरकार ने इस केमिकल पर लगने वाली एंटीडंपिंग ड्यूटी को अगले पांच सालों के लिए बढ़ा दिया है. इसके अलावा भारतब्रिटेन व्यापक आर्थिक व्यापार समझौते के तहत एक बड़ी छूट का भी ऐलान किया गया है. अब अगर अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, किसी बड़ी प्रदर्शनी या चुनिंदा सरकारी कार्यक्रमों के लिए बाहर से विशेष जानवर लाए जाते हैं, तो उन पर कोई सीमा शुल्क या आईजीएसटी नहीं चुकाना होगा.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply