
नई दिल्ली: विटामिन B12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बनाने, डीएनए के निर्माण और नर्वस सिस्टम को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर शुरुआत में थकान और कमजोरी जैसी सामान्य परेशानियां दिखाई दे सकती हैं। लेकिन लंबे समय तक कमी बनी रहने पर नसों, याददाश्त और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग के मुताबिक, विटामिन B12 की कमी के लक्षण धीरे-धीरे विकसित हो सकते हैं। कई बार लोग इन्हें सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में इनके संकेतों को पहचानना जरूरी है।
विटामिन B12 की कमी के 17 संभावित लक्षण
1. लगातार थकान रहना: पर्याप्त आराम के बाद भी थकान महसूस हो सकती है।
2. शरीर में कमजोरी: रोजमर्रा के काम करने में भी पहले से ज्यादा कमजोरी महसूस हो सकती है।
3. चक्कर आना: खून की कमी होने पर हल्कापन या चक्कर आने की परेशानी हो सकती है।
4. दिल की धड़कन तेज होना: कुछ लोगों को दिल की धड़कन सामान्य से तेज महसूस हो सकती है।
5. सांस फूलना: खासकर शारीरिक गतिविधि के दौरान सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
6. जीभ में दर्द या सूजन: जीभ लाल, चिकनी और दर्दनाक हो सकती है। मुंह में छाले या जलन भी महसूस हो सकती है।
7. जी मिचलाना: कुछ लोगों को मतली या पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
8. भूख कम लगना: खाने की इच्छा कम हो सकती है।
9. वजन घटना: भूख कम होने या दूसरी शारीरिक परेशानियों के कारण वजन कम हो सकता है।
10. दस्त की समस्या: कुछ लोगों में पाचन संबंधी बदलाव और दस्त की शिकायत हो सकती है।
11. त्वचा या आंखों में पीलापन: गंभीर कमी से होने वाली एनीमिया की कुछ स्थितियों में त्वचा या आंखों में पीलापन दिखाई दे सकता है।
12. हाथ-पैरों में झनझनाहट: नसों पर असर पड़ने से हाथों और पैरों में सुन्नपन या सुई चुभने जैसा एहसास हो सकता है।
13. चलने में परेशानी: संतुलन बिगड़ने और नसों पर असर के कारण चलने में दिक्कत हो सकती है।
14. मांसपेशियों में कमजोरी: शरीर की मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो सकती है।
15. चिड़चिड़ापन: कुछ लोगों के व्यवहार और मूड में बदलाव दिखाई दे सकता है।
16. याददाश्त कमजोर होना: चीजें याद रखने, ध्यान लगाने और सोचने-समझने में परेशानी हो सकती है।
17. मानसिक स्वास्थ्य पर असर: लंबे समय तक गंभीर कमी रहने पर डिप्रेशन और कुछ मामलों में भ्रम या मनोविकृति जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं।
ध्यान रखें कि ये सभी लक्षण केवल विटामिन B12 की कमी से ही नहीं होते। इनके पीछे दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए सिर्फ लक्षणों के आधार पर खुद से कमी का अनुमान लगाना सही नहीं है।
किन लोगों में B12 की कमी का खतरा ज्यादा होता है?
- शाकाहारी और खासकर पूरी तरह वीगन डाइट लेने वाले लोग, जिन्हें पर्याप्त B12 नहीं मिलता।
- पाचन तंत्र या आंतों से जुड़ी बीमारी वाले लोग, जिनमें विटामिन का अवशोषण प्रभावित होता है।
- पेट या आंत की सर्जरी करा चुके लोग।
- पर्निशियस एनीमिया से पीड़ित लोग, जिनमें B12 के अवशोषण के लिए जरूरी इंट्रिंसिक फैक्टर की कमी होती है।
- लंबे समय तक मेटफॉर्मिन या पेट में एसिड कम करने वाली कुछ दवाएं लेने वाले लोग।
विटामिन B12 की कमी कैसे पता चलती है?
इसकी पुष्टि के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। जरूरत के अनुसार कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC), विटामिन B12 का स्तर और मिथाइलमेलोनिक एसिड (MMA) जैसी जांच भी की जा सकती है। जांच के नतीजों और लक्षणों के आधार पर डॉक्टर इलाज तय करते हैं।
B12 की कमी को नजरअंदाज करना क्यों खतरनाक है?
लंबे समय तक विटामिन B12 की कमी रहने पर नसों को नुकसान पहुंच सकता है। कुछ मामलों में इलाज में देरी होने से यह नुकसान स्थायी भी हो सकता है। इसलिए लगातार थकान, हाथ-पैरों में झनझनाहट, चलने में परेशानी या याददाश्त में बदलाव होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
Satya Report नोट: विटामिन B12 की कमी का इलाज इसकी वजह पर निर्भर करता है। कुछ लोगों में खानपान में बदलाव और सप्लीमेंट से सुधार हो सकता है, जबकि अवशोषण की समस्या होने पर इंजेक्शन की जरूरत पड़ सकती है। बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के हाई डोज सप्लीमेंट न लें।



