टीएमसी के पूर्व मंत्री रथीन घोष से शुक्रवार को ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले में पूछताछ की. अब जांच एजेंसी ने उन्हें 10 दिन बाद फिर पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया है. ईडी ने आज साल्टलेक स्थित CGO काम्प्लेक्स में पूछताछ के लिए बुलाया था. इस घोटाले में TMC के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की हाल में गिरफ्तारी हुई थी. हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में रथीन घोष ने मध्यमग्राम से जीत हासिल की. ईडी ने इस मामले में रथीन घोष और सुजीत बोस के ठिकानों पर कई बार रेड की थी.

आरोप है कि 2014 से 2018 के बीच पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगर पालिकाओं में सफाईकर्मी, क्लर्क, ड्राइवर और अन्य ग्रुपडी के पदों पर नियुक्तियों के लिए ओएमआर शीट में हेरफेर की गई. इतना ही नहीं रिश्वत लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दी गई.
रथीन घोष पर क्या आरोप?
घोष उत्तर 24 परगना राज्य के मध्यग्राम नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष हैं. उन पर अयोग्य उम्मीदवारों को रिश्वत के बदले भर्ती कराने के घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है. ईडी के सूत्रों के अनुसार, घोष का नाम तब सामने आया जब उसने राज्य की विभिन्न नगरपालिकाओं द्वारा भर्ती प्रक्रिया संचालित करने के लिए नियुक्त एक एजेंसी से आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए. इनसे 2014 और 2018 के दौरान मध्यग्राम नगरपालिका में भर्ती प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण अनियमितताओं का खुलासा हुआ.
पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी
इसी महीने ईडी ने इस मामले में टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया. उन पर साउथ दमदम नगर पालिका में 150 उम्मीदवारों की अवैध सिफारिश करने और बदले में पैसे व फ्लैट लेने का आरोप है.
अन्य आरोपी
इस घोटाले में एक बिचौलिया आयन सील का नाम भी सामने आया है, जिसकी कंपनी को नगर पालिकाओं में भर्ती प्रक्रिया का जिम्मा दिया गया था. पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष भी ईडी के रडार पर हैं. ईडी ने दावा किया है कि इस घोटाले में 3 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की गई है और यह घोटाला शिक्षा भर्ती घोटाले से जुड़ा हुआ है.



