PDA Action On Atiq Ahmed Properties: माफिया अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों और उससे जुड़े करीबी नेटवर्क पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जहां एक ओर प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अतीक के सहयोगियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रयागराज विकास प्राधिकरण अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुटा है।

सूत्रों के अनुसार, अतीक से जुड़ी कुछ बेनामी संपत्तियों को बेचने की कोशिशों की भी जांच की जा रही है। ऐसे में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
बेनामी संपत्तियों की बिक्री पर प्रशासन की नजर
माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बेनामी संपत्तियों को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। जानकारी के मुताबिक, उसके कुछ करीबी इन संपत्तियों को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत ऐसी संपत्तियों की पहचान कर जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन लेनदेन की पड़ताल से कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
ईडी जांच में कई अहम खुलासे
अतीक अहमद के खिलाफ ईडी ने वर्ष 2020 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्तियां और बैंक खाते अटैच किए गए। अप्रैल 2023 में हुई छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी, विदेशी मुद्रा और कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड बरामद हुए थे। जांच एजेंसी अब उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है जो अतीक के आर्थिक नेटवर्क से जुड़े रहे हैं।
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मकबूल के अवैध निर्माण पर कार्रवाई की तैयारी
ने अतीक के करीबी बताए जा रहे मकबूल के अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया गया। पीडीए ने जवाब देने के लिए समय दिया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
अवैध प्लॉटिंग पर सख्ती, नई योजना भी शुरू
पीडीए शहर में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी में है। इसके साथ ही कसारीमसारी क्षेत्र में समूह के तहत 500 से अधिक प्लॉट विकसित किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नियोजित विकास को बढ़ावा देने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दोनों स्तरों पर समानांतर कार्रवाई की जा रही है।



