उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में छतों पर लगाए जा रहे सोलन पैनल को लेकर एक आंकड़ा जारी किया था. इसके मुताबिक जून 2026 में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत उत्तर प्रदेश में देश में सबसे ज़्यादा घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए गए. जून में कुल 71,888 घरों की छतों पर सोलर पैनल इंस्टॉल किए गए. यह इस योजना के तहत किसी भी राज्य की तरफ से अब तक सबसे ज्यादा मासिक आंकड़ा था.

UPNEDA को अब तक सोलर पैनल लगाने के लिए 10.89 लाख आवेदन मिले हैं. इसमें से 6.36 लाख घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं. जून महीने से जिस रफ्तार में घरों की छतों पर सोलर पैनल इंस्टॉल किए गए, उसको देखते हुए जुलाई के आखिर तक राज्य, घरों की छतों पर कुल सोलर सिस्टम लगाने के मामले में महाराष्ट्र से आगे निकल जाएगा.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2,148 MW से ज़्यादा क्षमता वाले घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए गए हैं. इस योजना के तहत लाभार्थियों को 5,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की सब्सिडी सीधे ट्रांसफर की गई है. सरकार ने बताया घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए 7,000 से ज़्यादा कंपनियां और वेंडर काम कर रहे हैं. इससे 80,000 से ज़्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा हो रही हैं.
सरकार का यह भी कहना है कि घरों की छतों पर लगे सोलर सिस्टम से रोजाना लगभग 96 लाख यूनिट बिजली पैदा होने का अनुमान है. यह सेक्टर 40 करोड़ रुपये से ज़्यादा का कारोबार रोज पैदा कर रहा है. बड़े ज़मीन पर लगने वाले सोलर पावर प्रोजेक्ट्स की तुलना में इसमें लगभग 9,000 एकड़ ज़मीन की ज़रूरत कम पड़ती है.
सरकार की तरफ से कितनी मिलती है सब्सिडी
यूपी में रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों से सब्सिडी मिलती है. ये सब्सिडी 3 प्रकार के सोलर पैनल पर मिलती है.
- 1 KW पर केंद्र सरकार 30 हजार तो यूपी सरकार 15 हजार रुपये की सब्सिडी देती है. कुल मिलाकर 45 हजार की सब्सिडी मिलती है.
- 2 KW पर 60 हजार केंद्र सरकार तो राज्य सरकार 30 हजार सब्सिडी मुहैया कराती है. कुल सब्सिडी पहुंचकर 90 हजार हो जाती है.
- 3 KW पर केंद्र सरकार 8 हजार की सब्सिडी देती है, यूपी सरकार 30 हजार की सब्सिडी देती है. कुल सब्सिडी 1 लाख 8 हजार हो जाती है.
1 किलोवाट सोलर पैनल लगवाने का खर्च 50 से 80 हजार के आसपास आती है. वहीं, 2 किलोवाट के सोलर पैनल लगवाने में 1 लाख 20 हजार से 1 लाख 50 हजार का खर्च आता है. वहीं, 3 kW का सोलर सिस्टम लगवाने पर 1.68 लाख से ₹1.93 लाख तक का खर्च आता है. अगर इसपर आप राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से जोड़ देंगे तो पूरे सोलर पैनल की अनुमानित कीमत से आधा का खर्च आपके जिम्मे आएगा.
रूफटॉप सोलर पैनल पर सब्सिडी के लिए कैसे करना होता है अप्लाई?
रूफटॉप सोलर पैनल पर सब्सिडी के लिए आपको पीएम सूर्यघर योजना के लिए अप्लाई करना होगा. इसके लिए आपको पीएम सूर्यघर योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करना होगा. फिर नीचे दिए गए प्रक्रिया को फॉलो करना होगा.
- अप्लाई पर रुफटॉप सोल पर क्लिक करें
- अपना राज्य, जिला और बिजली वितरण कंपनी चुनें
- अपना कंज्यूमर नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करके लॉगइन करें
- अपने क्षेत्र के अनुसार पैनल की क्षमता का चयन करें
- ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम का ही चुनाव करें
- पोर्टल पर सूचीबद्ध वेंडरों में से किसी एक को चुनें और कोटेशन प्राप्त करें.
- वेंडर आपके घर का निरीक्षण करके पैनल स्थापित करेगा.
- इंस्टॉलेशन के बाद, वेंडर के माध्यम से या बिजली विभाग में नेटमीटर के लिए आवेदन करें.
- मीटर लगने के बाद विभाग द्वारा पोर्टल पर रिपोर्ट सबमिट की जाएगी.
- नेट मीटर लगने और तकनीकी सत्यापन की सब्सिडी का पैसा आपके बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा.
छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए इतनी जगह की जरूरत
सोलर पैनल लगवाने से पहले कुछ तथ्य जानना बेहद जरूरी हैं. 1 किलोवाट के सिस्टम के लिए तकरीबन 100 वर्गफीट, 2 किलोवाट के लिए 200 वर्गफीट और 3 वाट के लिए 300 वर्गफीट जगह जगह चाहिए होती है. सोलर पैनल को छत के उसी हिस्से में लगवाएं, जिधर धूप अच्छी आती हो. समयसमय पर इसकी सफाई और मेंटेनेंस कराते रहें.
कैसे आपका बिजली बिल हो सकता है शून्य
सोलर सिस्टम के जरिए अपने घर का बिजली बिल कम या फिर शून्य करना चाहते हैं तो ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम ही अपने छत पर लगवाएं. इस प्रकार के सोलर सिस्टम से बनी बिजली, विभाग की तरफ से लगाए गए नेट मीटर के जरिए ग्रिड में चली जाती है. महीने के आखिर में ग्रिड को भेजी गई बिजली का हिसाब बनता है.
अगर आपने ग्रिड से भेजी गई बिजली के बराबर खपत की है, आपका बिजली का बिल शून्य हो जाएगा. आपको केवल मीटर का चार्ज देना होगा, 300 रुपये तक होता है. अगर आप अपने सोलर पैनल से उत्पादित बिजली से ज्यादा खर्च करते हैं तो 7 रुपये यूनिट के हिसाब से बिल चुकाना पड़ेगा. अगर आप सोलर पैनल से उत्पादित बिजली के मुकाबले कम खपत करते हैं, तो बची हुई विद्युत की राशि आपके खाते में भेज दी जाएगी.



