यूरिन पास करना शरीर की एक सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है। इसके जरिए शरीर अतिरिक्त पानी, नमक और टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है। एक स्वस्थ व्यक्ति आमतौर पर दिन भर में लगभग 1.5 से 2 लीटर तक यूरिन पास करता है, हालांकि यूरिन डिस्चार्ज होने की मात्रा पानी पीने, मौसम, डाइट और शारीरिक गतिविधियों पर भी निर्भर करती है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को लगातार कम पेशाब आ रहा है, तो यह शरीर में किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कई लोग पानी कम पीने की वजह से पेशाब कम आने को सामान्य मान लेते हैं, लेकिन अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कम यूरिन आने का मतलब यह भी हो सकता है कि शरीर से टॉक्सिन्स सही तरीके से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

पेशाब कम आने के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?
पारस हॉस्पिटल, पटना के डायरेक्टर और वरिष्ठ डॉक्टर Ajay Kumar के मुताबिक पेशाब का बहुत ज्यादा आना और बहुत कम आना दोनों ही स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि लगातार कम पेशाब आना किडनी से जुड़ी बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकता है। पेशाब कम आने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे
शरीर में पानी की कमी
दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पीने, ज्यादा पसीना आना, उल्टीदस्त या तेज गर्मी की वजह से शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। ऐसे में किडनी पानी बचाने के लिए कम यूरिन बनाती है।
किडनी की बीमारी
अगर किडनी सही तरीके से खून को फिल्टर नहीं कर रही है तो यूरिन की मात्रा कम हो सकती है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में यह खतरा ज्यादा रहता है।
यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट
किडनी स्टोन, बढ़ा हुआ प्रोस्टेट या यूरिनरी ट्रैक्ट में ब्लॉकेज की वजह से भी पेशाब कम आ सकता है।
कुछ दवाइयों का असर
पेनकिलर, ब्लड प्रेशर की दवाइयां और कुछ एंटीबायोटिक्स किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे यूरिन कम बनने लगता है।
हार्ट और लिवर से जुड़ी बीमारी
हार्ट फेलियर या लिवर डिजीज की स्थिति में शरीर में फ्लूइड जमा होने लगता है और किडनी तक पर्याप्त ब्लड सप्लाई नहीं पहुंचती। इसका असर यूरिन आउटपुट पर पड़ सकता है।
कौन से लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें?
अगर कम पेशाब आने के साथ ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत मेडिकल सलाह लें
- पैरों या चेहरे पर सूजन
- पेशाब करते समय जलन या दर्द
- यूरिन का रंग बहुत गहरा होना
- लगातार थकान महसूस होना
- सांस फूलना
- पेट या कमर में दर्द
- अचानक वजन बढ़ना शामिल है।
पेशाब कम आने की समस्या का कैसे करें इलाज
- कम यूरिन आने की सबसे बड़ी वजह डिहाइड्रेशन हो सकती है। इसलिए दिनभर में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी जरूर पिएं। पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और शरीर में जमा टॉक्सिन्स यूरिन के जरिए आसानी से बाहर निकलते हैं।
- डिहाइड्रेशन होने पर लिक्विड डाइट लें। अगर आपको दस्त, उल्टी या ज्यादा पसीना आने की समस्या है तो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। ऐसे में आप नारियल पानी, ORS, नींबू पानी, नमकचीनी का घोल, सूप और दूसरे लिक्विड फूड्स का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
- डायबिटीज के मरीजों में किडनी पर असर पड़ने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए वो ज्यादा मीठा और हाई कार्बोहाइड्रेट फूड कम खाएं। हेल्दी प्रोटीन का सेवन करें।
- ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें। हाई ब्लड प्रेशर किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए डाइट में तलीभुनी चीजों से दूरी बनाएं। पैकेज्ड और ज्यादा नमक वाले फूड कम खाएं। नियमित एक्सरसाइज करें।
- अधिक शराब और स्मोकिंग शरीर को डिहाइड्रेट कर सकती है और किडनी पर बुरा असर डाल सकती है। इसलिए इनका सेवन कम करना या बंद करना बेहतर है।
- ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर और किडनी दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए डाइट में सीमित मात्रा में नमक का सेवन करें।
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर लंबे समय तक यूरिन कम आए, पेशाब करते समय दर्द,सूजन, कमजोरी महसूस हो तो और यूरिन का रंग गहरा हो तो आप तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।



