Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम और डिजिटल वेंचर, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का निवेशकों को बेसब्री से इंतजार था. अब जब ये आईपीओ खुलने वाला है, तो इसके प्रति लोगों का क्रेज साफ देखा जा सकता है. बुधवार, 21 अक्टूबर को आम लोगों के लिए खुलने वाले इस आईपीओ से पहले ही कंपनी ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है. जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से 8,110 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं.

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने अपने प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर, यानी 1,119 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 7.24 करोड़ शेयर एंकर निवेशकों को अलॉट किए हैं. ये भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है और एंकर निवेशकों का ये रिस्पॉन्स इसके हिट होने का बड़ा संकेत दे रहा है.
LIC और न्यू वर्ल्ड फंड का बड़ा दांव
एंकर निवेशकों की लिस्ट में घरेलू और विदेशी दोनों तरह के बड़े नाम शामिल हैं. सबसे ज्यादा शेयर भारतीय जीवन बीमा निगम को मिले हैं. LIC ने इसमें 500 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो पूरे एंकर बुक का 6.17 फीसदी है.
विदेशी निवेशकों ने भी जियो पर खूब भरोसा जताया है. न्यू वर्ल्ड फंड इंक को 486.27 करोड़ रुपये के शेयर मिले हैं. इसके अलावा, सिंगापुर सरकार ने 340.93 करोड़ रुपये, SBI फोकस्ड फंड ने 315 करोड़ रुपये और BNP परिबास फाइनेंशियल मार्केट्स ने 303.25 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
म्यूचुअल फंड्स और ग्लोबल दिग्गजों की भी भारी दिलचस्पी
इस आईपीओ में घरेलू म्यूचुअल फंड्स भी पीछे नहीं रहे. कुल 25 फंड हाउस की 95 अलगअलग स्कीम्स के जरिए म्यूचुअल फंड्स को 2,785 करोड़ रुपये के 2.48 करोड़ शेयर मिले हैं, जो एंकर हिस्से का 34.34% है. जीवन बीमा और पेंशन फंड्स को भी 1,090 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए गए हैं.
ग्लोबल स्तर पर देखें तो ब्लैकरॉक , फिडेलिटी, कैपिटल ग्रुप, और जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट जैसे दुनिया के कई बड़े निवेशकों ने इसमें पैसा लगाया है. इसके साथ ही, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे सरकारी निवेश संस्थानों ने भी जियो पर भरोसा दिखाया है.
क्या है कंपनी का प्लान और आईपीओ की डिटेल्स
जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. कंपनी नए शेयर जारी कर रही है और इनका प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के बीच रखा गया है. अगर प्राइस बैंड के सबसे ऊपरी स्तर को देखें, तो जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन करीब 108 बिलियन डॉलर बैठती है.
ये आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा. कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी टेलीकॉम सब्सिडियरी के कर्ज चुकाने और कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी. लिस्टिंग के बाद भी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की मेजॉरिटी हिस्सेदारी बनी रहेगी.



