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यमराज भी नहीं छूते इन 3 तरह के लोगों को, गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य..

यमराज भी नहीं छूते इन 3 तरह के लोगों को, गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य..

मौत एक ऐसा सच है जिससे कोई भी बच नहीं सकता. गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद की स्थितियों के बारे में बहुत विस्तार से बताया गया है. आमतौर पर माना जाता है कि जब किसी इंसान का अंत समय आता है, तो यमराज के दूत यानी यमदूत उसे लेने आते हैं.

गरुड़ पुराण के अनुसार यमदूतों का रूप बहुत भयानक होता है और वे पापियों को बेरहमी से घसीटते हुए ले जाते हैं. लेकिन इसी पुराण में एक बेहद गुप्त और खास नियम का भी जिक्र मिलता है.

शास्त्रों के अनुसार 3 तरह के लोग ऐसे होते हैं जिनके पास आने की हिम्मत यमराज के दूत भी नहीं कर पाते. यमदूत इन खास लोगों को कभी हाथ तक नहीं लगाते, बल्कि इनके प्राण लेने के लिए खुद भगवान के दिव्य पार्षद आते हैं. आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के अनुसार कौन से हैं वे खुशकिस्मत लोग.

प्रभु भक्ति में लीन रहने वाले सच्चे भक्त

इस सूची में पहला नाम उन लोगों का आता है जो अपना पूरा जीवन ईश्वर की भक्ति और सिमरन में बिता देते हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार जो व्यक्ति हर समय भगवान का नाम लेता है, उसका अंत समय बहुत शांति से कटता है.

ऐसे लोगों के मन में मृत्यु का कोई डर नहीं होता. जब उनकी सांसें खत्म होने वाली होती हैं, तो यमराज के भयानक दूत उनके आसपास भी नहीं फटकते. प्रभु का नाम जपने वाले इन लोगों के प्राण हरने के लिए सीधे वैकुंठ धाम से विष्णुदूत आते हैं. वे बहुत सुंदर और शांत रूप में प्रकट होते हैं. वे इन भक्तों की आत्मा को बहुत आदर के साथ अपने दिव्य विमान में बैठाकर ले जाते हैं.

निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने वाले

दूसरा नियम उन लोगों के लिए है जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते हैं. शास्त्रों में बताया गया है कि भूखों को खाना खिलाना, बीमारों की सेवा करना और बेसहारा लोगों को आश्रय देना सबसे बड़ा धर्म है.

जो इंसान बिना किसी लालच के समाज की भलाई करता है, उसके खाते में अपार पुण्य जमा हो जाते हैं. ऐसे दयालु लोगों के पास जाने से यमदूत खुद कतराते हैं.

यमराज के दूतों को केवल उन लोगों को ले जाने का अधिकार है जिन्होंने जीवन भर दूसरों को सताया हो. दूसरों के आंसू पोंछने वाले परोपकारी लोगों का स्वागत करने के लिए स्वर्ग के देवता खुद आते हैं.

सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाले इंसान

तीसरी स्थिति उन लोगों की है जो जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें आ जाएं, कभी झूठ और बेईमानी का रास्ता नहीं चुनते. गरुड़ पुराण के अनुसार सत्य बोलना और अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाना भी एक बहुत बड़ी तपस्या है.

जो लोग माता पिता की सेवा करते हैं, किसी का दिल नहीं दुखाते और धर्म के नियमों का पालन करते हैं, उन्हें यमराज का भय नहीं सताता. यमदूत ऐसे ईमानदार और साफ दिल वाले लोगों को दूर से ही प्रणाम करते हैं.

इनके प्राण निकलते समय इन्हें बिल्कुल भी दर्द नहीं होता. इनकी आत्मा को सीधे मोक्ष या उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है.

अच्छे कर्मों का मिलता है ये दिव्य फल

इस तरह गरुड़ पुराण की यह बातें हमें जीवन को सही दिशा में जीने का संदेश देती हैं. मृत्यु से डरने की बजाय हमें अपने आज के कर्मों को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए. जो इंसान लालच, नफरत और धोखेबाजी से दूर रहता है, उसका अंत समय अपने आप सुधर जाता है.

यमदूतों का खौफ सिर्फ उन्हीं के लिए है जो बुरे कामों में डूबे रहते हैं. अगर हमारा मन साफ है और हम भगवान पर भरोसा रखते हैं, तो यमराज के दूत हमारे लिए कोई मायने नहीं रखते. अच्छे कर्म करने वालों को अंत में यमदूतों की यातनाएं नहीं बल्कि ईश्वर की शरण मिलती है.

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